महंगाई और किसानों की समस्याओं पर चकिया में वामपंथी दलों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
Chandauli News: चंदौली के चकिया में वामपंथी दलों ने महंगाई, स्मार्ट मीटर और किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
Chandauli News: देश में बढ़ती महंगाई, बिजली मीटरों की समस्या और किसानों की बदहाली को लेकर आज चंदौली के चकिया स्थित गांधी पार्क में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। उत्तर प्रदेश किसान सभा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला। कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरने के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद की और उपजिलाधिकारी चकिया के जरिए महामहिम राष्ट्रपति को एक मांग पत्र सौंपा।
गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी से आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने सबसे बड़ा मुद्दा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि को बनाया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपये और छोटे पांच किलो वाले सिलेंडर के दाम में 261रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। वक्ताओं ने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह एक और आर्थिक बोझ है। उन्होंने मांग की कि इन बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेकर दाम पूर्ववत किए जाएं ताकि आम आदमी और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके।
स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का विरोध
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट और प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गए हैं। आरोप लगाया गया कि इन मीटरों के माध्यम से 'अनाप-शनाप' बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। किसान सभा ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम तुरंत रोका जाए और जो मीटर लग चुके हैं, उन्हें उखाड़कर पुराने मीटर वापस लगाए जाएं।
किसानों की बदहाली और गेहूं खरीद का संकट
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए नेताओं ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। बारिश के कारण किसानों का गेहूं बाहर पड़ा सड़ रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हर सरकारी केंद्र पर तत्काल गेहूं की खरीद शुरू की जाए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और उनकी फसल बर्बाद न हो।
इन नेताओं की रही मुख्य भूमिका
गांधी पार्क में आयोजित इस प्रदर्शन में किसान सभा के जिला अध्यक्ष परमानंद, जिला मंत्री लालचंद यादव, राजेंद्र यादव, नंदलाल, स्वामीनाथ और रघुनाथ शामिल रहे। वहीं सीपीएम की ओर से जिला मंत्री शंभू नाथ, रामनिवास पांडे, लालमणि विश्वकर्मा और जयप्रकाश सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।धरने के अंत में प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम चकिया को ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की अपील की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को जनविरोधी नीतियों को त्याग कर जनहित में फैसले लेने चाहिए।