Chandauli: चंदौली में शातिर चोरों का गिरोह बेनकाब और 'अतिक्रमण रोको' हंगामा करने वाले पहुंचे जेल
Chandauli News: चंदौली के मुगलसराय में पुलिस ने चोरी के अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही अतिक्रमण हटाओ अभियान में बाधा डालने और पत्रकारों से अभद्रता करने वाले दो लोगों को भी जेल भेजा गया।
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Chandauli News: उत्तर प्रदेश की मुगलसराय पुलिस इन दिनों अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ 'फुल एक्शन मोड' में नजर आ रही है। जिले की पुलिस टीम ने एक तरफ जहां कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चोरी की दो बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए अंतर- जनपदीय गिरोह के तीन सदस्यों को दबोचा है, वहीं दूसरी तरफ शहर के विकास कार्य में रोड़ा अटकाने और पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वाले दो दबंगों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हैं।
चोरी का 'पिलर तोड़' गिरोह: नलकूप का गेट और ई-रिक्शा बरामद
मुगलसराय थाना क्षेत्र के बहादुरपुर और चौरहट इलाकों में हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं ने पुलिस के सामने चुनौती पेश कर दी थी। गिरोह की कार्यप्रणाली काफी शातिर थी; उन्होंने न केवल चलते-फिरते वाहन उड़ाए, बल्कि सरकारी संपत्तियों को भी निशाना बनाया।
घटना 1:26 अप्रैल की रात बहादुरपुर में चोरों ने दुस्साहस दिखाते हुए नलकूप संख्या 146 MG की बाउंड्री का पिलर ही ढहा दिया और वहां लगा भारी-भरकम लोहे का गेट लेकर रफूचक्कर हो गए।
घटना 2:2 मई की शाम चौरहट मोहल्ले से एक बैटरी चालित ई-रिक्शा पार कर दिया गया।इन वारदातों के बाद थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू की।
डांडी पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी, धरे गए तीन आरोपी
4 मई की रात पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी के ई-रिक्शा के साथ कुछ युवक डांडी पेट्रोल पंप के पास किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मौके पर छापेमारी की और तीन अभियुक्तों—शाहिद (निवासी बहादुरपुर), रमेश साहनी और हर्ष केशरी (दोनों निवासी मिर्जापुर)—को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे मिलकर चोरी करते थे। नलकूप का गेट उन्होंने कबाड़ में बेच दिया था, जिससे मिले 4,500 रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। साथ ही, चोरी का ई-रिक्शा भी जब्त कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में से दो मिर्जापुर के रहने वाले हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह गिरोह आसपास के जिलों में भी सक्रिय था।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में खलल: दबंगई पड़ी भारी
पुलिस का दूसरा बड़ा एक्शन मुगलसराय कस्बे के धर्मशाला रोड पर देखने को मिला। यहाँ जिला प्रशासन और पुलिस की टीम सड़कों को चौड़ा करने के लिए अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कर रही थी। इसी दौरान 'परंपरा स्वीट्स' के पास अजय जायसवाल और सुनील जायसवाल ने सरकारी काम में बाधा डालनी शुरू कर दी।
पत्रकारों पर हमला और उकसाने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब प्रशासन अपना काम कर रहा था, तब इन दोनों व्यक्तियों ने न केवल पुलिसकर्मियों से बहस की, बल्कि वहां मौजूद भीड़ को भड़काने की भी कोशिश की। हद तो तब हो गई जब उन्होंने घटना की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की।शांति व्यवस्था बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब वे नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आज, 5 मई को दोनों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और शांति भंग करने की गंभीर धाराओं (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।
विकास और सुरक्षा से समझौता नहीं: थाना प्रभारी
थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि चोरी-चकारी करने वालों के साथ-साथ विकास कार्यों में बाधा डालने वाले अराजक तत्वों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।इस पूरी कार्यवाही में जलीलपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार, हेड कांस्टेबल बसंत सिंह और गौरव सिंह की सक्रिय भूमिका रही। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है, विशेषकर पत्रकारों पर हुए हमले के मामले में त्वरित गिरफ्तारी से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सुरक्षा का अहसास हुआ है।