Chandauli News: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था पर लगाया जुर्माना
Chandauli News: चंदौली में जल जीवन मिशन के तहत खराब कार्य गुणवत्ता पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाया और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
Chandauli News
Chandauli News: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'हर घर नल' के क्रियान्वयन को लेकर चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। बुधवार को जिलाधिकारी ने मवैया गांव में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी और पाइपलाइन कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर काम की गुणवत्ता में भारी कमी और लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने न केवल संबंधित वर्किंग एजेंसी को फटकार लगाई, बल्कि उन पर आर्थिक जुर्माना भी ठोक दिया।
सड़कों की बदहाली पर जिलाधिकारी की नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि गांव की गलियों और मुख्य मार्गों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए गड्ढे तो खोदे गए, लेकिन उन्हें सही तरीके से भरा नहीं गया। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों को तत्काल और उच्च गुणवत्ता के साथ दुरुस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मरम्मत कार्य में मानक की अनदेखी हुई, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पानी की शुद्धता से कोई समझौता नहीं
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानी की टंकी के आंतरिक भाग की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी की शुद्धता की नियमित जांच होनी चाहिए। इसके लिए समयानुसार पानी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला (लैब) भेजा जाए, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार के प्रदूषित जल का सामना न करना पड़े।
कागजी रिपोर्ट नहीं, जमीनी हकीकत पर होगा जोर
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिशासी अभियंता (जल निगम) को निगरानी और सख्त करने के आदेश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं बिना बताए किसी भी समय कहीं भी निरीक्षण कर सकता हूं। अगर विभाग की कागजी रिपोर्ट और धरातल की हकीकत में अंतर मिला, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
अधिकारियों को दी गई अंतिम चेतावनी
इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। डीएम ने सख्त संदेश दिया है कि सरकारी धन का सदुपयोग और जनता को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता ही उनकी प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही सीधे दंड का कारण बनेगी।