Chandauli News: नौगढ़ में रोडवेज बंद, डग्गामारों की चांदी पर उठे सवाल
Chandauli News: नौगढ़ वनांचल में रोडवेज सेवा ठप, विभाग घाटे का हवाला दे रहा, जबकि अवैध डग्गामार वाहन धड़ल्ले से कमा रहे
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Chandauli News: विकास की बाट जोह रहे अति पिछड़े वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में सरकारी परिवहन सेवा दम तोड़ रही है। जहाँ दो दशक पहले रोडवेज बसों की गूँज सुनाई देती थी, आज वहां सन्नाटा पसरा है। विडंबना यह है कि जिस मार्ग पर परिवहन विभाग घाटे का रोना रो रहा है, वहीं अवैध डग्गामार वाहन यात्रियों को ढोकर मालामाल हो रहे हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर विभाग की कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल खड़े करती है।
ARM का दावा: घाटे में है नौगढ़ रूट
प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि मुगलसराय, चकिया और नौगढ़ मार्ग पर बसों के तेल का पैसा भी वसूल नहीं हो पा रहा है। इसी आर्थिक नुकसान का हवाला देकर विभाग ने इस महत्वपूर्ण रूट पर बसों का संचालन लगभग बंद कर दिया है। वर्तमान में चंदौली डिपो की गिनी-चुनी बसें ही कुछ चुनिंदा गाँवों तक सीमित रह गई हैं।
डग्गामारों का कब्जा: विभाग की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जहाँ रोडवेज बसें घाटे में हैं, वहीं सैकड़ों अवैध बसें, क्रूजर, जीप और सीएनजी वाहन इसी सड़क पर दिन-भर फर्राटे भर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि अगर डग्गामार वाहन मुनाफा कमा रहे हैं, तो सरकारी बसें तेल का खर्च निकालने में भी नाकाम क्यों हैं? स्थानीय लोगों का मानना है कि विभागीय लापरवाही और निजी ऑपरेटरों से मिलीभगत के कारण सरकारी सेवाओं को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
अतीत की सुगम राहें अब दुर्गम
एक दौर वह था जब काशी डिपो की बसें चकरघट्टा और तिवारीपुर जैसे सुदूर इलाकों से सीधे वाराणसी तक जाती थीं। चकिया-नौगढ़ के बीच हर 30 मिनट पर शटल सेवा उपलब्ध थी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गृह जनपद में ऐसी बदहाली जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
सर्वे के बाद नई उम्मीद
राहत की खबर यह है कि विधायक सुशील सिंह की पहल पर विभाग ने नगवा, महोजी और जमानियां जैसे मार्गों का नया सर्वे कराया है।ARM ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इन सड़कों पर फिर से सरकारी बसें दौड़ती दिखेंगी। हालांकि, स्थानीय जनता की माँग है कि पुराने रूटों को भी बहाल किया जाए और डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाया जाए ताकि रोडवेज को पुनर्जीवित किया जा सके।