Chitrakoot News: समाधान दिवस में आयुक्त ने सुनी जनसमस्याएं, मंडी का किया निरीक्षण
Chitrakoot News: चित्रकूट में समाधान दिवस पर आयुक्त ने जनसमस्याएं सुनीं और मंडी, सहकारी समिति समेत ग्राम स्तरीय सुविधाओं का औचक निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।
समाधान दिवस में आयुक्त ने सुनी जनसमस्याएं, मंडी का किया निरीक्षण (Photo- Newstrack)
Chitrakoot News: चित्रकूट। आयुक्त, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा राजेश एस तहसील जसपुरा थाना में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वहां आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर जाकर उनकी जांच करते हुए गुणवत्तापूर्ण और नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समाधान दिवस में ज्यादातर शिकायतें भूमि की पैमाइश और सीमांकन, पथरगड्डी, चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान पक्षकारों के बीच होने वाले विवाद से संबंधित रहीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी स्थलीय जांच कर अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करें और शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करें।
समाधान दिवस का उद्देश्य मौके पर निष्पक्ष समाधान कराना
आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य सिर्फ लोगों की शिकायतें सुनना नहीं है, बल्कि उनका मौके पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़े मामलों में स्थलीय जांच करते हुए राजस्व अभिलेखों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने पथरगड्डी और सीमांकन से जुड़े मामलों में भी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि शिकायतों के समाधान में किसी तरह की लापरवाही न हो और संबंधित पक्षों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मंडी समिति में खुले में मिला करीब 65 बोरा गेहूं
समाधान दिवस के बाद आयुक्त अजीत कुमार ने मंडी समिति, जसपुरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान करीब 65 बोरे गेहूं शेड के नीचे खुले में रखा हुआ मिला। वर्तमान में बारिश का मौसम होने के कारण खाद्यान्न को इस तरह खुले में रखे जाने पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित खाद्य विपणन अधिकारी, बांदा से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही गेहूं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखवाने और भविष्य में खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि यदि इस मामले में लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
आयुक्त ने कहा कि मंडी और खाद्यान्न भंडारण केंद्रों पर किसानों से संबंधित उपज को खुले में या ऐसी स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए, जिससे बारिश अथवा किसी अन्य प्राकृतिक कारण से उसके खराब होने की संभावना रहे। खाद्यान्न के रख-रखाव, तौल, उठान और भंडारण की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित अधिकारी खुद मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और पूरी व्यवस्था का अनुश्रवण सुनिश्चित करें।
सहकारी समिति के भवन पर मिला ताला, नियमित संचालन के निर्देश
इसके बाद आयुक्त ने सहकारी साधन समिति, रामपुर का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय समिति के भवन पर ताला लगा हुआ मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि समिति कभी-कभी ही खुलती है। समिति के नियमित रूप से संचालित न होने की जानकारी मिलने पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, बांदा का स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही समिति का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने को कहा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियां ग्रामीणों और किसानों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए समिति निर्धारित समय पर नियमित रूप से खुलनी चाहिए और संबंधित कर्मचारी व अधिकारी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, बीज और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए। समिति के खुलने के दिन और समय की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को सहकारी समितियों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
पंचायत भवन में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिलें सुविधाएं
ग्राम भ्रमण के दौरान आयुक्त ने पंचायत भवन की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत भवन निर्धारित दिन और समय पर नियमित रूप से खुले और ग्रामवासियों को विभिन्न सरकारी सेवाओं तथा योजनाओं की जानकारी और जरूरी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएं।
पंचायत भवन में साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा गया। साथ ही ग्रामीणों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल कराने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक शौचालय का सिर्फ निर्माण नहीं, वास्तविक उपयोग जरूरी
सामुदायिक शौचालय को लेकर भी आयुक्त ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शौचालय का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। वहां पानी, प्रकाश और साफ-सफाई की व्यवस्था हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए। सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करें और सामुदायिक शौचालय का इस्तेमाल करने वाले ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सामुदायिक शौचालय केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक और नियमित उपयोग सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
सीएससी पर निर्धारित शुल्क में ही उपलब्ध हों ऑनलाइन सेवाएं
कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी को लेकर आयुक्त ने निर्देश दिया कि ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, पेंशन सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और शासन की अन्य डिजिटल सेवाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए। सेवा प्रदाता द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जाए और किसी भी तरह की अनावश्यक वसूली की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र पर उपलब्ध सेवाओं और उनके लिए निर्धारित शुल्क का विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सेवाओं और शुल्क की जानकारी आसानी से मिल सके।
स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो
उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर आयुक्त ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें और केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बारिश के मौसम को देखते हुए जलजनित और संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और जरूरी चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध दवाओं की सूची और ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित किया जाए। स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय से उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाए।
स्कूलों में नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई पर जोर
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक नियमित रूप से और समय से विद्यालय पहुंचें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें। बच्चों की शैक्षिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाए।
उन्होंने अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, पंखे, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रखने को कहा गया।
विशेष रूप से शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बच्चों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के प्रति जागरूक करने को कहा गया। लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
अभिलेखों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए सरकारी व्यवस्थाएं
आयुक्त अजीत कुमार ने ग्राम स्तर पर संचालित सभी संस्थाओं और जनसुविधाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिर्फ अभिलेखों में व्यवस्थाएं पूरी दर्शाना पर्याप्त नहीं है। उनका स्थलीय और वास्तविक संचालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संबंधित विभागीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करें और मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का सत्यापन करें।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आएं, उनका तत्काल निराकरण कराया जाए। सरकारी योजनाओं और जनसुविधाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
लापरवाही मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
अंत में आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, किसानों की समस्याओं का समाधान करना, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को प्रभावी बनाना तथा ग्राम स्तर पर संचालित संस्थाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने को कहा। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।