Hapur News: हापुड़ के देहरा गांव में महाराणा प्रताप जयंती रैली के बाद बवाल, आठ नामजद पर केस
Hapur News: हापुड़ के देहरा गांव में महाराणा प्रताप जयंती रैली के बाद दो पक्षों में बवाल हो गया। पथराव व मारपीट के मामले में आठ नामजद समेत कई पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के देहरा गांव में महाराणा प्रताप जयंती रैली के बाद अचानक भड़की हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर दंगा, पथराव, मारपीट, जानलेवा हमला और सांप्रदायिक तनाव फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके।
परचून की दुकान से शुरू हुआ विवाद, फिर भड़का बवाल
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, महाराणा प्रताप जयंती रैली के समापन के बाद गांव में स्थित एक परचून की दुकान पर सामान लेने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। यह विवाद देखते ही देखते गंभीर रूप ले बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में गाली-गलौज हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए इस बवाल से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर अपने घरों में छिप गए। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने कानून व्यवस्था को बिगाड़ते हुए एक-दूसरे पर हमला किया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
आठ नामजद और कई अज्ञात आरोपी जांच के घेरे में
इस मामले में पुलिस ने देहरा गांव निवासी नेक मोहम्मद, नौशेर, जाहिद, महताब, दानिश और सरफराज को नामजद किया है। इसके अलावा सपनावत निवासी गौरव और छज्जूपुर निवासी अंकित राणा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग छतों पर चढ़कर पथराव करते हुए पाए गए हैं, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों की पहचान भी वीडियो फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
गांव में पुलिस बल तैनात, ड्रोन से निगरानी
घटना के बाद देहरा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांव और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रख रही है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की नई घटना को रोका जा सके। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर भी पुलिस की विशेष नजर है।
डीआईजी ने मांगा स्पष्टीकरण, अफसरों पर उठे सवाल
घटना के बाद मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी पिलखुआ अनीता चौहान और अपर पुलिस अधीक्षक हापुड़ विनीत भटनागर से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीआईजी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद यह घटना कैसे हुई, इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
शांति समिति की बैठकों पर भी उठे सवाल
डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में शांति समिति की बैठकों को केवल औपचारिकता न बनाया जाए। इन बैठकों में ऐसे लोगों को शामिल किया जाए जो वास्तविक स्थिति और संभावित तनाव के बारे में सही जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि समय रहते अगर सही जानकारी मिलती तो इस घटना को रोका जा सकता था।
एसपी का बयान: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।