Hapur News: दो करोड़ की डकैती का खुलासा, निलंबित सिपाही निकला मास्टरमाइंड, 5 गिरफ्तार

Hapur Police Encounter: हापुड़ में दो करोड़ की डकैती का खुलासा, निलंबित सिपाही ने जेल में बनाया गैंग, मुठभेड़ के बाद पांच आरोपी गिरफ्तार।

By :  Avnish Pal
Update:2026-06-08 09:04 IST

Hapur News

Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के चर्चित उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल उर्फ कबाड़ी के घर हुई करीब दो करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती का हापुड़ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि वारदात का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर डकैत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का निलंबित सिपाही निकला, जिसने जेल में बने अपने आपराधिक नेटवर्क के सहारे पूरी साजिश तैयार की थी।

रविवार देर रात थाना देहात क्षेत्र के सुल्तानपुर मार्ग पर हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरोह के पांच बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, कीमती आभूषण, अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की हैं।


करोड़ों की डकैती से दहल गया था हापुड़

बीते सोमवार की रात शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी नरेंद्र अग्रवाल उर्फ कबाड़ी के घर चार हथियारबंद बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और घंटों तक घर में आतंक का माहौल बनाए रखा। इसके बाद उन्होंने सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान समेट लिया।बताया गया कि लूटे गए माल की कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई थी। घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हो गया था।

सीसीटीवी, सर्विलांस और मुखबिरों ने खोला राज

घटना के खुलासे के लिए एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के निर्देशन में कई विशेष टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

लगातार कई दिनों की जांच के बाद पुलिस को गिरोह की गतिविधियों का सुराग मिला। रविवार देर रात सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य सुल्तानपुर मार्ग से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी।

पुलिस को देखते ही शुरू कर दी फायरिंग

चेकिंग के दौरान बाइक सवार संदिग्ध पुलिस को दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुरादाबाद के मोहम्मदपुर बस्तौर निवासी साहिब ए आलम और गुलाबवाड़ी निवासी रोहित के पैर में गोली लग गई। दोनों घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों गुड्डू, टिंकू उर्फ पिंकू और निलंबित सिपाही विक्की को भी गिरफ्तार कर लिया। जबकि गिरोह का एक सदस्य श्याम मौके से फरार होने में सफल रहा।


बरामदगी ने चौंकाया

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, 24 लाख रुपये नकद,चार तमंचे, आठ जिंदा कारतूस,दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी भी लूट का कुछ माल बरामद होना बाकी है, जिसकी तलाश जारी है।

निलंबित सिपाही ने लिखा था अपराध का ब्लूप्रिंट

पूरे मामले का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि डकैती की योजना अमरोहा निवासी निलंबित सिपाही विक्की ने तैयार की थी।विक्की वर्ष 2025 में नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार होकर जेल गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। जेल के भीतर उसकी मुलाकात कई शातिर अपराधियों से हुई और यहीं से एक ऐसे गिरोह की नींव पड़ी जिसने करोड़ों की डकैती को अंजाम दिया।पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्की ने अपने पुलिसिया अनुभव और आपराधिक संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए पूरी योजना तैयार की थी।


घर के अंदर की जानकारी ने बना दिया रास्ता आसान

जांच में पता चला कि व्यापारी के यहां काम करने वाले राजमिस्त्री सतपाल के बेटे टिंकू उर्फ पिंकू ने गिरोह को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई थी।उसे घर की संरचना, परिवार की दिनचर्या और वहां मौजूद नकदी व आभूषणों की जानकारी थी। उसने यह सूचना निलंबित सिपाही विक्की तक पहुंचाई। इसके बाद गिरोह ने कई बार रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया।

जेल में हुई दोस्ती, बाहर बन गया खतरनाक गैंग

पुलिस के अनुसार जेल में विक्की की दोस्ती साहिब ए आलम और उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी श्याम से हुई थी। बाद में रोहित भी इस नेटवर्क में शामिल हो गया।जेल से बाहर आने के बाद सभी लगातार संपर्क में रहे और बड़े अपराध की योजना बनाने लगे। अंतत करोड़ों रुपये की डकैती को अंजाम दिया गया।

हत्या जैसे संगीन मामलों में शामिल रहे हैं आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार अधिकांश आरोपी पहले से गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।साहिब ए आलम वर्ष 2021 में हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वहीं रोहित पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज है और वह पहले पुलिस मुठभेड़ में घायल हो चुका है।इन खुलासों के बाद पुलिस अब आरोपियों का पूरा आपराधिक इतिहास खंगाल रही है ताकि अन्य वारदातों से भी उनके संबंधों की जांच की जा सके।

फरार आरोपी की तलाश में कई जिलों में दबिश

गिरोह का सदस्य श्याम अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल और उत्तराखंड के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूट के बाकी माल की बरामदगी कर ली जाएगी।

एसपी बोले— पूरे नेटवर्क की होगी जांच

वहीं इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कहीं अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया।उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे आपराधिक नेटवर्क का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

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