Hapur News: नाबालिग की बरामदगी पर फूटा गुस्सा, हिंदू संगठनों ने कोतवाली में पढ़ा हनुमान चालीसा
Hapur News: हापुड़ के पिलखुवा में लापता नाबालिग की बरामदगी को लेकर जनाक्रोश। हिंदू संगठनों ने कोतवाली परिसर में धरना देकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और पुलिस को सख्त चेतावनी दी।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद के पिलखुवा में करीब 10 दिनों से लापता एक नाबालिग किशोरी की बरामदगी न होने से लोगों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आ गया। किशोरी की सकुशल वापसी की मांग को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदू रक्षा आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पिलखुवा कोतवाली पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में धरना दिया, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया और पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
10 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, परिवार में बढ़ी बेचैनी
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी करीब 10 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है। इससे परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। परिजनों का कहना है कि हर गुजरते दिन के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है और उन्हें अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर भय सताने लगा है।
कोतवाली परिसर में गूंजा हनुमान चालीसा का पाठ
प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए प्रार्थना की। इस दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक और आंदोलनात्मक दोनों रूपों में दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी नाबालिग के लापता होने का मामला बेहद संवेदनशील होता है और इसमें तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि किशोरी की गुमशुदगी को कई दिन बीत जाने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना था कि यदि शुरुआती दिनों में तेजी से प्रयास किए जाते तो अब तक कोई महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती थी। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और विशेष अभियान चलाकर किशोरी की तलाश करने की मांग की।
अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
धरने के दौरान संगठन* पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की जाए और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के साथ किशोरी की तलाश तेज की जाए। साथ ही, मामले की नियमित मॉनिटरिंग कर परिजनों को जांच की प्रगति से अवगत कराया जाए।
“बेटी को ढूंढो” के नारों से गूंजा परिसर
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “बेटी को ढूंढो”, “नाबालिग की बरामदगी करो” और “लापता बेटी को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया तो आंदोलन को जिले स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
सुरक्षा के मद्देनजर बढ़ाई गई पुलिस व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए कोतवाली परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा।
पुलिस ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
पिलखुवा कोतवाली प्रभारी अतुल चौहान ने बताया कि नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले को पुलिस गंभीरता से लेकर जांच कर रही है। किशोरी की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।उन्होंने कहा कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि किशोरी की सकुशल बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता है और जल्द ही मामले में सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस जांच में सहयोग करने की अपील की।