UP News: रामनवमी के मौके पर यूपी में हाई अलर्ट! DGP ने जारी किया आदेश, शोभायात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरे और CCTV के जरिए होगी निगरानी
UP News:चैत्र नवरात्र के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए, मंदिरों के व्यवस्थापकों से संपर्क कर सुरक्षा के उचित उपाय किए जाएंगे। मुख्यद्वार पर प्रवेश नियंत्रण और एंटी-सोबोटॉज चेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाई जाएगी और उन्हें उनके कर्तव्यों के बारे में पहले से ब्रीफ किया जाएगा।;
राम नवमी को लेकर यूपी में हाई अलर्ट (फोटो: सोशल मीडिया)
UP News: उत्तर प्रदेश में रामनवमी के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है, विशेष रूप से अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा प्रयागराज, मेरठ, कानपुर, चित्रकूट समेत सभी जिलों में अतिरिक्त सावधानियां बरतने के आदेश दिए गए हैं। DGP मुख्यालय से सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं, और शोभा यात्रा तथा जुलूस के रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी, जबकि जुलूस और शोभा यात्रा के लिए नए रास्तों पर रोक लगाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता तैयारियां
चैत्र नवरात्र के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए, मंदिरों के व्यवस्थापकों से संपर्क कर सुरक्षा के उचित उपाय किए जाएंगे। मुख्यद्वार पर प्रवेश नियंत्रण और एंटी-सोबोटॉज चेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाई जाएगी और उन्हें उनके कर्तव्यों के बारे में पहले से ब्रीफ किया जाएगा। जुलूस और शोभा यात्रा के दौरान पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बाक्स फार्मेट में लगाई जाएगी।
अयोध्या में विशेष सुरक्षा और व्यवस्था
अयोध्या में अत्यधिक श्रद्धालुओं की संभावना को देखते हुए, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए बैरिकेटिंग और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। समस्त थाना क्षेत्रों में समस्या वाले स्थान चिन्हित किए जाएंगे और संबंधित क्षेत्राधिकारी/मजिस्ट्रेट/थाना प्रभारी मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करेंगे।
साथ ही,पुलिस प्रबंधन करते समय पिछले वर्षों की संवेदनशीलता और वर्तमान परिस्थितियों का ध्यान रखा जाएगा। प्रबंधन और व्यवस्था स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप की जाएगी। शांति समितियों, कार्यक्रम आयोजकों और धर्मगुरुओं की बैठकें वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में आयोजित की जाएंगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठकें करके त्यौहार के निर्वाध निष्पादन हेतु समन्वित कार्यवाही की जाएगी। मंदिरों के आसपास की सफाई, प्रकाश और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, और किसी नई परंपरा की शुरुआत की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी थानों के त्यौहार रजिस्टरों और सूचना का समीक्षा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाएगी। पिछले वर्षों में इस त्यौहार से संबंधित कोई समस्याएं या तनाव उत्पन्न हुआ था तो उसका समाधान पहले से सुनिश्चित किया जाएगा।
संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान
जनपद के वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण मंदिरों, मेला स्थलों, जुलूस और शोभा यात्रा के मार्गों सहित सभी संवेदनशील स्थानों का संयुक्त भ्रमण करेंगे। यदि किसी भी स्थान पर कोई बाधा हो तो उसे समय पर सुलझाया जाएगा। दंगा नियंत्रण योजना का पुनः अभ्यास किया जाएगा, और संबंधित उपकरणों का निरीक्षण कर उन्हें तैयार रखा जाएगा। सभी कर्मचारियों को एंटी राइट इक्यूपमेंट के साथ ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
शरारती तत्वों के खिलाफ होगी कार्रवाई
शरारती और असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यूपी-112 के वाहनों का संवेदनशील मार्गों और स्थानों पर विशेष व्यवस्थापन किया जाएगा। अन्य पेट्रोलिंग वाहनों द्वारा चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर गश्त की जाएगी, जिसे राजपत्रित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में प्रभावी रूप से किया जाएगा।