घूसखोर IAS अभिषेक प्रकाश का एक और भ्रष्टाचार हुआ उजागर, 1500 करोड़ की जमीन मुक्त कराकर भूमाफियाओं को सौंपी
IAS Abhishek Prakash: बताया जाता है कि नितिन मित्तल नोएडा और लखनऊ में बिल्डरों का पार्टनर है और विवादित जमीन पर नक्शा भी पास करा दिया था।;
IAS Abhishek Prakash: सोलर कंपनी से सब्सिडी के एवज में घूस मांगने के आरोप में सस्पेंड हुए इन्वेस्ट यूपी के सीईओ IAS अभिषेक प्रकाश के भ्रष्टाचार की कहानी धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। सस्पेंशन के बाद से लगातार लग रहे आरोपों की एक ओर से जांच तेज हो गई है। वहीं, दूसरी ओर से निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश पर एक और भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। बताया जाता है 1500 करोड़ के इस भ्रष्टाचार को IAS अभिषेक प्रकाश ने LDA वीसी रहते हुए किया था। इस आरोप के सामने आने के बाद एक बाद फिर अभिषेक प्रकाश की बढ़ी मुश्किलों को धार मिलना शुरू हो गई है।
बुलडोजर चलवाकर मुक्त कराई थी 90 एकड़ जमीन
बताया जाता है कि LDA वीसी रहते हुए IAS अभिषेक प्रकाश ने दिसंबर 2020 में 1500 करोड़ की 90 एकड़ भूमाफियाओं की ओर से कब्जा हुई जमीन पर बुलडोजर चलाकर बाउंड्री तुड़वा दी थी। जिसके बाद में उसी भूमाफिया को वही मुक्त कराई गई जमीन कब्जा करा दी। इस बुलडोजर की कार्रवाई में तत्कालीन SDM प्रफुल्ल त्रिपाठी और किंसुक श्रीवास्तव शामिल थे। मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक प्रकाश ने भूमाफिया नितिन मित्तल से सांठगांठ करके जमीन फिर से कब्जा कराई। बताया जाता है कि नितिन मित्तल नोएडा और लखनऊ में बिल्डरों का पार्टनर है और विवादित जमीन पर नक्शा भी पास करा दिया था।
दिसंबर 2020 में मलेशेमऊ में कब्जा कराया गया था मुक्त
बता दें कि नदी किनारे मलेशेमऊ में एलडीए की करीब 90 एकड़ जमीन मौजूद थी। पुलिस भवन से आगे मौजूद इस जमीन पर निजी बिल्डर ने कब्जा कर रखा था। जिला प्रशासन के साथ संयुक्त पैमाइश में इस जमीन के एलडीए द्वारा अर्जित किए जाने की जानकारी मिली। इसका मुआवजा भी एलडीए दे चुका था। जानकारी सामने आने के बाद सदर तहसील के साथ पैमाइश कराकर उस वक्त LDA के वीसी रहे IAS अभिषेक प्रकाश ने मौके पर ही अवैध कब्जा तुड़वा दिया था। एलडीए और तहसील के अधिकारियों ने मिलकर ये कार्रवाई कराई थी।
घूसखोरी के मामले में शुरू हुई विजिलेंस की जांच
आपको बता दें कि सस्पेंड चल रहे IAS अफसर अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने खुली जांच शुरू कर दी है। इस जांच के दौरान विजिलेंस की जांच टीम अभिषेक प्रकाश की संपत्ति, निवेश और आय-व्यय का ब्योरा खंगालने में जुट गई है। इसके साथ ही विजिलेंस की ओर से अभिषेक प्रकाश को पूछताछ के लिए जल्द ही नोटिस भी भेजा जाएगा। बता दें कि विजिलेंस की खुली जांच में न कोई FIR दर्ज की जाती है और न ही किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई होती है। विजिलेंस की जांच पूरी होने के बाद जांच टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपती है।