Lakhimpur Kheri: दुधवा से सटे इलाकों में वन्यजीवों की हलचल: कहीं बाघ का हमला तो कहीं सांप से दहशत
Lakhimpur Kheri News : दुधवा के आसपास बढ़ी वन्यजीवों की हलचल, बाघ के हमले और सांप से दहशत के बीच जंगल सफारी में सैलानियों को रोमांचक नजारे
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Lakhimpur Kheri: दुधवा नेशनल पार्क से सटे इलाकों में इन दिनों वन्यजीवों की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। एक तरफ जहां जंगल से निकलकर बाघ रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सांपों की मौजूदगी से भी लोगों में डर का माहौल है। हालांकि इसी बीच जंगल सफारी पर आए सैलानियों के लिए यही वन्यजीव रोमांच का कारण भी बन रहे हैं। यह जानकारी पलियाकलां से मिली रिपोर्ट पर आधारित है।
बाघ का हमला: पालतू भैंस को बनाया शिकार
सठियाना रेंज से निकलकर आए एक बाघ ने आजाद नगर घोला इलाके में गुरुद्वारे के पास रहने वाली कुलजीत कौर की भैंस पर हमला कर उसे मार डाला। बताया जा रहा है कि कुलजीत कौर अपनी भैंस चरा रही थीं, तभी अचानक जंगल से निकले बाघ ने हमला कर दिया।
परिजनों ने शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक भैंस की मौत हो चुकी थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद पीड़ित परिवार को मुआवजे का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
बाजार में निकला खतरनाक सांप, मची अफरा-तफरी
इसी क्षेत्र में पलिया-भीरा रोड स्थित एक बाइक रिपेयरिंग की दुकान में रसैल वाइपर सांप निकलने से हड़कंप मच गया। टायरों के बीच छिपे सांप को देखकर दुकान पर काम कर रहे लोग बाहर भाग गए और आसपास भीड़ जुट गई।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली और विभाग की तत्परता की सराहना की।
जंगल में रोमांच: सैलानियों को एक साथ बाघ और गैंडे के दीदार
जहां एक ओर वन्यजीवों की बढ़ती हलचल लोगों के लिए चिंता का कारण बनी है, वहीं दुधवा नेशनल पार्क में यही गतिविधियां सैलानियों के लिए खास आकर्षण बन रही हैं।
रविवार सुबह हरदोई से आए पर्यटकों के दल ने सोनारीपुर रेंज में सफारी के दौरान पहले एक बाघ को वाटर होल के पास आराम करते देखा और कुछ ही देर बाद एक विशाल गैंडे के भी दर्शन किए। एक ही सफारी में दोनों वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव सैलानियों के लिए बेहद यादगार रहा।
बढ़ती हलचल, दोहरी तस्वीर
पलियाकलां और आसपास के इलाकों में सामने आई ये तीनों घटनाएं वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता की दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करती हैं—
रिहायशी क्षेत्रों में खतरा और दहशतदुधवा से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी जहां एक ओर मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ा रही है, वहीं पर्यटन के लिहाज से यह क्षेत्र और भी समृद्ध हो रहा है। ऐसे में जरूरत है सतर्कता, बेहतर प्रबंधन और जागरूकता की, ताकि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।