National Book Fair Lucknow: बलरामपुर गार्डन में पुस्तक प्रेमियों का लगा जमावड़ा, जमकर खरीदे मनपसंद किताबें
National Book Fair Lucknow: पुस्तक मेले में प्रवेश के लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज नहीं है। लेकिन यदि आप अपने वाहन से जा रहे हैं तो स्टैंड के लिए टोकन लेना पड़ेगा।;
20th national book fair in Balrampur Garden Lucknow
National Book Fair Lucknow: लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में लगा 20वां अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है। यही कारण है कि तीसरे दिन सोमवार को मेले में जमकर भीड़ उमड़ी। इस दौरान कीसी को थ्रिलर, मिस्ट्री, रोमांस पर आधारित उपन्यास पसंद आयी तो किसी को धर्म, आध्यात्म, हस्तरेखा, नुमेरोलॉजी जैसे बुक्स को धूढ़ते हुए मिले।
पुस्तक प्रेमियों को मानो खजाना मिल गाय हो। हाथ में दर्जन भर पुस्तक लिए और अपनी पसंद पर नजर गढ़ाए लोग भी मिले। कुंभ की थीम पर आयोजित पुस्तक मेले में देश के नामी प्रकाशनो के साथ साहित्यकारों का संवाद, मुशायरा, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवाओं की पुस्तकें भी लांच हुएआ। बता दें कि यह पुस्तक मेला 11 दिवसीय है।
इन कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
सोमवार को सुबह 11 बजे आभूषण काव्यात्मक अभिव्यक्ति पटल काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे हिन्दुस्तानी साहित्य सभा की ओर से मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। दोपहर करीब ढाई बजे काव्य सतत साहित्य यात्रा की ओर से ज्योत्सना सिंह की पुस्तक पर चर्चा हुई। शाम करीब चार बजे आवाजों के छायादार पुस्तक का विमोचन हुआ। शाम साढ़े सात बजे चारु काव्यांगन की ओर से पुस्तक लोकार्पण का काव्य समारोह का आयोजन हुआ।
नि:शुल्क प्रवेश
पुस्तक मेले में प्रवेश के लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज नहीं है। लेकिन यदि आप अपने वाहन से जा रहे हैं तो स्टैंड के लिए टोकन लेना पड़ेगा। मेले में सभी पुस्तकों पर 10 प्रतिशत की छूट है। ऐसे में यदि आप भी डिजिटल दुनियां से हटकर पुस्तक पढ़ना पसंद करते हैं तो मेले में जाककर मनपसंत बुक खरीद सकते हैं।
मेले में लगे प्रमुख प्रकाशकों के स्टॉल
अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में हिन्दी संस्थान, उर्दू अकादमी दिल्ली, संगीत नाटक अकादमी दिल्ली, हिन्द युग्म, प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, लोक भारती प्रकाशन, रामपुर रजा लाइब्रेरी, सम्यक प्रकाशन, राजपाल एण्ड संस यूनिवर्सल बुक स्टोर, नैय्यर बुक सर्विस, पैराडाइज ग्रुप, अमर चित्रकथा, 1 बुक घर व अन्य प्रकाशक शामिल हैं।