ठगे गए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही... खुल गई पोल! किसान बनकर ओवर रेटिंग की जांच करने पहुंचे थे, 2 दुकानों का लाइसेंस हुआ रद्द

Lucknow News: गौर करने वाली बात ये हैं कि वे किसी दलबल या सुरक्षा के साथ मंत्री बनकर नहीं बल्कि एक किसान बनकर पहुंचे।

Update:2025-06-23 13:21 IST

Lucknow News

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के मंत्री अपने अपने विभागीय अफसरों की हकीकत जानने के लिए अक्सर औचक निरीक्षण करते हैं, लेकिन हर बार लोग मंत्री जी का दौरा पता चलते ही सतर्क हो जाते हैं, जिससे मंत्रियों को उनकी कोई कमी नहीं दिखती है। लेकिन इस बार लखनऊ में कुछ अलग ही हुआ।

दरअसल, ओवर रेटिंग और अनियमितताओं की जांच करने के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही बीकेटी यानी बक्शी का तालाब और इटौंजा स्थित कुछ दुकानों पर पहुंचे। गौर करने वाली बात ये हैं कि वे किसी दलबल या सुरक्षा के साथ मंत्री बनकर नहीं बल्कि एक किसान बनकर पहुंचे। बस फिर क्या था, दुकानदारों ने अन्य किसानों की तरह ही मंत्री सूर्य प्रताप शाही को भी ठग लिया, जिसके बाद मंत्री ने ठगी और धखाधड़ी करने वाली 3 दुकानों को नोटिस भेजने के साथ ही उनमें से 2 दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

3 दुकानों पर पहुंचे थे कृषि मंत्री, 1350 रूपये की डीएपी को 1500 में खरीदा

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही किसान बनकर लखनऊ के बक्शी का तालाब व इंटौजा इलाके की तीन दुकानों पर ओवर रेटिंग व अनियमितताओं की जांच करने पहुंचे। यहां उन्हें दुकानदारों ने 1350 रूपये की डीएपी को 1500 रूपये में बेच दिया। आनन फानन में ओवर रेटिंग की सच्चाई सामने आते ही कृषि मंत्री ने ओवर रेटिंग करने वाले 2 दुकानदारों के साथ साथ स्टॉक अनियमितता करने वाले एक दुकानदार को नोटिस जारी कर दिया। इसके साथ ही इन्हीं 3 दुकानदारों में से 2 को ओवर रेटिंग करने के आरोप को उनकी दुकान के लाइसेंस को रद्द कर दिया।

कृषि मंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश, कहा- अभियान चलाकर रोकी जाए ओवर रेटिंग

घटना के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिला कृषि अधिकारियों को दुकानों पर हो रही ओवर रेटिंग व कालाबाजारी को रोकने के आदेश दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है, लेकिन ओवर रेटिंग का शिकार जब खुद मंत्री हुए हैं तो किसानों की क्या हालत होगी।

उन्होंने कहा कि अनेकों बार सख्ती के बाद भी दुकानदारों की ओर से किसानों को तय मूल्य पर यूरिया व डीएपी नहीं मिल रही है। लिहाजा, अब इसके लिए पूरे उत्तर प्रदेश के हर जिले में विशेष अभियान चलाकर ओवर रेटिंग को रोका जाना जरूरी है।

Tags:    

Similar News