Lucknow News: न्याय की राह में बंद लिफ्ट: हर मंज़िल पर बढ़ता फरियादियों का दर्द
Lucknow News: लखनऊ के मानवाधिकार आयोग भवन में बदहाल लिफ्ट व्यवस्था के कारण महिला आयोग आने वाली फरियादियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग और दिव्यांग महिलाएं तीन मंजिल सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर हैं।
Lucknow News: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित मानवाधिकार आयोग की इमारत में इंसाफ़ की तलाश में आने वाले लोगों को पहले एक और परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है, तीन मंज़िल की सीढ़ियाँ चढ़ने की मजबूरी। इसी बिल्डिंग की तीसरी मंज़िल पर राज्य महिला आयोग का कार्यालय है, जहाँ हर दिन कई महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं। लेकिन लिफ्ट व्यवस्था बदहाल होने के कारण उनकी मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं।
इमारत में मौजूद दो लिफ्टों में से एक महीनों से ख़राब पड़ी है, जबकि दूसरी लिफ्ट को मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के लिए आरक्षित बताया जाता है। ऐसे में आम फरियादी, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं, दिव्यांग और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाएं भी शामिल हैं, उन्हें मजबूरन सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।
कई महिलाएं बताती हैं कि वे पहले ही मानसिक और सामाजिक दबाव में यहां आती हैं, लेकिन तीन मंज़िल चढ़ना उनके लिए किसी सज़ा से कम नहीं। एक फरियादी ने कहा हम न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन यहां पहुंचने से पहले ही थक कर टूट जाते हैं।
पूरी बिल्डिंग के रख-रखाव की जिम्मेदारी मानवाधिकार आयोग कार्यालय के पास है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान भी इस समस्या को लेकर कई बार पत्राचार कर चुकी हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। यह सवाल उठता है कि जब न्याय देने वाली संस्थाओं की इमारत ही आम लोगों के लिए सुलभ नहीं है, तो वहां से मिलने वाला न्याय कितना संवेदनशील होगा। अब ज़रूरत है कि संबंधित विभाग जल्द इस समस्या का समाधान करे, ताकि फरियादियों को न्याय की राह में यूं संघर्ष न करना पड़े।
मैं इस मामले को लेकर कई बार पत्राचार कर चुकी हूँ, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। मैं ख़ुद जब कार्यालय आती हूँ तो मुझे तीन मंज़िल चढ़कर आना पड़ता है। महिला आयोग के कार्यालय में आने सबसे ज़्यादा दिक्कत दिव्यांग लोगों को होती है।
बबीता सिंह चौहान
अध्यक्ष
राज्य महिला आयोग