BJP की ‘बी-टीम’ वाली छवि तोड़ने में जुटी BSP... मायावती के बयानों ने बढ़ाई सियासी गर्मी, क्या है मिशन-2027 का प्लान?
BSP Mission 2027: मायावती के साथ उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी भगवा खेमे के खिलाफ हमलावर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अब ये सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मिशन-2027 को ध्यान में रखते हुए बसपा अपनी रणनीति में कुछ परिवर्तन कर रही है।
BSP Mission 2027
BSP Mission 2027: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले 2027 विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2027) से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती के तेवर बदले-बदले स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। BSP सुप्रीमो अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगातार तगड़ा निशाना साध रही हैं। चढ़ावा चोरी से लेकर आरक्षण और छात्रों के आंदोलन जैसे मुद्दों पर मायावती ने BJP को बुरी तरह घेरा है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी सीधा हमला बोला है।
मायावती के साथ उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी भगवा खेमे के खिलाफ हमलावर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अब ये सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मिशन-2027 (Mission 2027) को ध्यान में रखते हुए बसपा अपनी रणनीति (BSP Strategy) में कुछ परिवर्तन कर रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले BSP हुई एक्टिव
इसे BSP की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि मिशन-2027 की रास्ता सरल करने के लिए BSP अब BJP की बी-टीम (B-Team) होने के मिथक को तोड़ने का प्रयास कर रही है। पार्टी का प्रयास यह संदेश देने की है कि वह BJP के साथ किसी तरह की राजनीतिक नजदीकी की धारणा से अलग अपनी स्वतंत्र राजनीति कर रही है।
BSP के लिए 2027 का चुनाव क्यों है महत्वपूर्ण ?
विधानसभा और विधान परिषद (Legislative Council) में शून्य पर पहुंच चुकी BSP के लिए आगामी विधानसभा चुनाव बेहद अहम है। पार्टी के लिए यह चुनाव करो या मरो की स्थिति जैसा माना जा रहा है। मायावती पहले ही मिशन-2027 में अकेले दम पर आगे बढ़ने की घोषणा कर चुकी हैं।
BSP की चुनौती इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि उसका कोर वोटबैंक (Core Votebank) पिछले चुनावों में BJP की जीत में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पीडीए (PDA) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बिसात बिछाने में जुटी है। ऐसे माहौल में BSP के सामने अपने पुराने सामाजिक आधार को मजबूत करने के साथ नए वर्गों तक पहुंच बनाने की चुनौती है।
BJP पर लगातार तगड़े हमले कर रही हैं मायावती
बीते कुछ दिनों में मायावती के बयानों पर निगाह डालें तो उनका रुख BJP को लेकर बेहद आक्रामक नजर आया है। कानून-व्यवस्था (Law and Order), पेपर लीक (Paper Leak), छात्र आंदोलन (Student Protest), बेरोजगारी (Unemployment) और आरक्षण (Reservation) जैसे मुद्दों पर उन्होंने BJP सरकार को घेरा है।
आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान को लेकर भी मायावती ने कड़ी आपत्ति जताई। इसके माध्यम से उन्होंने BSP की उस राजनीतिक छवि को स्पष्ट करने का प्रयास किया है, जिसके आधार पर पार्टी ने सर्वसमाज का भरोसा जीतकर उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल की थी।
मोहन भागवत के बयान पर मायावती का विरोध
आरक्षण के मुद्दे पर मायावती ने RSS पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि आरएसएस प्रमुख का हाल में फिर यह कहना कि आरक्षण का जानबूझकर राजनीतिकरण किया गया है, जिससे समाज में कड़वाहट पैदा हुई है और आरक्षण के लाभार्थियों को स्वेच्छा से इसका फायदे छोड़ देना चाहिए, जातिवादी सोच है।
मायावती के अनुसार, बहुजन समाज में विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण सामाजिक बदलाव (Social Change) और आर्थिक मुक्ति (Economic Empowerment) का मामला है। इस मुद्दे पर खुलकर बोलकर BSP सुप्रीमो अपने पुराने सामाजिक आधार के बीच पार्टी की स्थिति को फिर से मजबूत करने का प्रयास करती नज़र आ रही हैं।
छात्र आंदोलन के मुद्दे पर भी BJP को घेरा
मायावती ने छात्र आंदोलन के मुद्दे पर भी BJP के साथ कांग्रेस को निशाने पर लिया था। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को लेकर स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जेन-जी (Gen Z) और युवाओं को साधने की कोशिश भी की।
मायावती BSP शासनकाल में दी गई सरकारी नौकरियों (Government Jobs) और बनाए गए नए पदों का भी बार-बार जिक्र कर रही हैं। इसके माध्यम से पार्टी युवाओं के बीच अपनी सरकार के दौरान रोजगार को लेकर किए गए कामों को सामने रखकर उन्हें आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।
आकाश आनंद ने भी BJP पर साधा निशाना
मायावती के साथ ही आकाश आनंद भी BJP और भगवा खेमे पर लगातार हमला करते दिखाई दे रहे हैं। लंबे वक़्त बाद सोमवार को हाथरस के सादाबाद में जनसभा करने पहुंचे आकाश आनंद ने भ्रष्टाचार (Corruption) और रोजगार (Employment) के मुद्दे पर BJP को घेरा।
उन्होंने बहुजन समाज की युवा ब्रिगेड को भी अलग संदेश देने का पूरा प्रयास किया। आकाश आनंद ने बताया कि बसपा शासनकाल में भ्रष्टाचार समेत नियुक्तियां हुई थीं। इसके माध्यम से BSP आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रही है कि रोजगार और पारदर्शी नियुक्तियों के मुद्दे पर उसकी सरकार का रिकॉर्ड अलग रहा है।
क्या मिशन-2027 के लिए बदल रही है BSP की रणनीति?
मायावती और आकाश आनंद के लगातार BJP पर हमले के बाद यह सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है कि क्या बसपा मिशन-2027 के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति बदल रही है। एक ओर मायावती आरक्षण, बेरोजगारी, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर BJP को घेर रही हैं, वहीं आकाश आनंद युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर भगवा खेमे पर हमला कर रहे हैं।
BSP पहले ही अकेले चुनाव लड़ने की बात पूरी तरह से स्पष्ट कर चुकी है। ऐसे में BJP पर बढ़ते हमलों को पार्टी की अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और BJP की बी-टीम होने के आरोपों से बाहर निकलने का प्रयास साफ़ तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, मायावती और आकाश आनंद की यह कवायद उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में कितना प्रभाव डाल पाती है और BSP अपने पुराने जनाधार के साथ युवाओं को कितना जोड़ने में सफल हो पाती है, यह आगामी कुछ वक़्त में स्पष्ट होगा।