MP Rajiv Rai on AK Sharma: 'बदतमीजी की हद...', रेलवे उद्घाटन कार्यक्रम में किस पर भड़के सपा सांसद?
MP Rajiv Rai on AK Sharma: राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कड़ी आपत्ति जताई है।
MP Rajiv Rai
MP Rajiv Rai on AK Sharma: प्रदेश के मऊ जिले में आयोजित रेलवे परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कड़ी आपत्ति जताई है। मऊ जंक्शन पर आयोजित रेलवे कार्यक्रम के दौरान मंत्री एके शर्मा ने नारेबाजी कर रहे समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी ऊर्जा बचाकर रखिए, यदि कोई आपका प्लॉट कब्जा कर ले तो वह ऊर्जा वहां काम आएगी।
मंत्री की इस टिप्पणी के बाद घोसी से सांसद राजीव राय नाराज हो गए और मंच पर ही खड़े होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सांसद ने मौके पर मौजूद रेलवे अधिकारियों से शिकायत करते हुए कहा कि मंच पर बुलाकर उनका अपमान किया जा रहा है। यह बदतमीजी की हद है। सांसद सम्मान दिखा रहा है और वे ऐसी बातें कर रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए रेलवे अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
राजीव राय ने लगाए आरोप
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद राजीव राय ने मंत्री के बयान को अनुचित और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में वह सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लेकिन उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। सांसद ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और आम लोगों का भी अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा तो उसका जवाब भी उसी तरह दिया जाएगा।
राजीव राय ने कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अपराधी और हिस्ट्रीशीटर किस्म के लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। सांसद के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में ऐसे लोगों की भागीदारी चिंताजनक है और इस पर प्रशासन को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बनाए रखने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद विवादास्पद तत्वों की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है।
कब्जे के आरोपों को किया खारिज
मंत्री की टिप्पणी को लेकर सांसद राजीव राय ने जमीन कब्जाने संबंधी किसी भी आरोप को सिरे से नकार दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कब्जे की बात करने वाले लोग पहले अपने आसपास देखें। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए संकेतात्मक आरोप पूरी तरह निराधार हैं।