Sant Kabir Nagar News: महुली थाने में दिखी स्मार्ट पुलिसिंग, एसओ की कार्यशैली बनी मिसाल
Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर के महुली थाने में एसओ दुर्गेश पांडेय की पहल से बदली तस्वीर, साफ-सफाई, सुविधाओं और सख्त कानून व्यवस्था से लोगों का बढ़ा भरोसा।
महुली थाने में दिखी स्मार्ट पुलिसिंग, एसओ की कार्यशैली बनी मिसाल (Photo- Newstrack)
Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महुली थाने की कार्यप्रणाली एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है। यहां तैनात थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय का काम करने का अंदाज न केवल पुलिस विभाग के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। फरियादियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार और आरोपियों के प्रति सख्त रुख ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।
क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि उनका यह कार्यशैली प्रदेश सरकार की “स्मार्ट पुलिसिंग” की अवधारणा को जमीन पर उतारने का काम कर रही है। जहां एक ओर वे पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं, वहीं कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करते हैं।
थाना परिसर में दिखा बदलाव
महुली थाना परिसर की स्थिति पहले काफी जर्जर थी। दीवारों पर गंदगी और कालिमा छाई रहती थी, और फरियादियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। लेकिन कुछ ही महीनों में इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया गया।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई गई, दीवारों को रंगवाया गया और लाइटिंग की बेहतर व्यवस्था की गई। फरियादियों के लिए छाजन लगवाकर बैठने की सुविधा दी गई, कुर्सियां लगवाई गईं और बंद पड़े आरओ प्लांट को चालू कराकर पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन
दुर्गेश पांडेय की कार्यशैली में सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन साफ दिखाई देता है। उन्होंने होली, रमजान, चैत्र नवरात्रि और अंबेडकर जयंती जैसे संवेदनशील पर्वों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया।
इसके अलावा, उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर थाना परिसर की सफाई में हिस्सा लिया, जो अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा बना। उनके इस व्यवहार से यह संदेश गया कि नेतृत्व केवल आदेश देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करना भी जरूरी है।
स्थानीय लोग मानते हैं कि महुली थाने की यह नई तस्वीर प्रदेश में अपेक्षित स्मार्ट पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण है, जिससे जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।