Sonbhadra News: पेयजल व्यवस्था पर डीएम सख्त, पटवध योजना में खामियां मिलने पर दिए कड़े निर्देश

Sonbhadra News: सोनभद्र में डीएम चर्चित गौड़ ने पटवध पेयजल योजना का औचक निरीक्षण किया। खामियां मिलने पर 25 गांवों की रोजाना मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

Update:2026-05-05 18:53 IST

Sonbhadra News: सोनभद्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने पटवध पेयजल समूह योजना का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

रोज 25 गांवों की मॉनिटरिंग के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता और नमामि गंगे योजना से जुड़े अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन कम से कम 25 गांवों का भ्रमण करें। इन गांवों में पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए और उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करना होगा ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

40–45 एमएलडी पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के तहत प्रतिदिन 40 से 45 एमएलडी पानी की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह योजना सीधे जनता से जुड़ी हुई है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की बाधा या लापरवाही गंभीर मानी जाएगी।

फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था के डीसीएम और जीएम को भी सख्त निर्देश दिए कि वे स्वयं नियमित रूप से फील्ड में उपस्थित रहकर व्यवस्था की निगरानी करें। पाइपलाइन, टंकियों और वितरण प्रणाली की लगातार जांच की जाए ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि जवाबदेही तय की जा सके।

निष्कर्ष

पटवध पेयजल समूह योजना के निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन अब पेयजल व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्रिय मोड में है। डीएम के सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक बेहतर होगी।

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