Sonbhadra News: 834 अंधेरे मजरों में जल्द जलेगी रोशनी: डीएम का सख्त संदेश- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Sonbhadra News: सोनभद्र में जिलाधिकारी ने 834 अविद्युतीकृत मजरों में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। कार्यदायी संस्था को एक माह में कार्य पूरा करने की सख्त चेतावनी दी गई है और लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
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Sonbhadra News: जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और अविद्युतीकृत मजरों तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मंगलवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर न सिर्फ आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की, बल्कि लंबित विद्युतीकरण कार्यों को तय समय में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश भी दिए।बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज में स्थापित विद्युत व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल आनंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को लगातार बनाए रखा जाए।
एक माह में पूरा करें लंबित काम
जिलाधिकारी ने अविद्युतीकृत मजरों के विद्युतीकरण कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए पाया कि एक योजना के अंतर्गत 97 मजरों में कार्य प्रगति पर है, जिसमें से 40 मजरों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। शेष बचे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था विश्व समृद्ध इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को सख्त हिदायत दी कि सभी कार्य एक माह के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।
834 मजरों में पहुंचेगी बिजली
अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज ने जानकारी दी कि इन 97 मजरों के अलावा जनपद में कुल 834 अविद्युतीकृत मजरे चिन्हित किए गए हैं, जहां विद्युतीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष जोर देते हुए कहा कि इन सभी मजरों में शीघ्र बिजली पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि विद्युत आपूर्ति और विद्युतीकरण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्थाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें, ताकि जिले के हर कोने तक निर्बाध बिजली सुविधा उपलब्ध हो सके।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए।स्पष्ट है कि प्रशासन अब जिले के हर अंधेरे मजरे को रोशन करने के मिशन में पूरी ताकत से जुट गया है, और इसके लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है।