Sonbhadra News: भीषण गर्मी में बिजली संकट: संविदा कर्मियों की बहाली और उत्पीड़न रोकने की मांग तेज
Sonbhadra News: सोनभद्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है। संविदा कर्मियों की बहाली और कर्मचारियों पर हो रही कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर बुधवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। संघर्ष समिति ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि यदि अनुभवी संविदा कर्मियों की तत्काल बहाली नहीं की गई और बिजली कर्मियों पर चल रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो प्रदेश की बिजली व्यवस्था और अधिक गंभीर संकट में फंस सकती है।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली उपलब्ध होने के बावजूद उपभोक्ताओं को घंटों कटौती और फॉल्ट की समस्या झेलनी पड़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की कमजोर स्थिति है, जो 32 से 33 हजार मेगावाट बिजली आपूर्ति का दबाव संभालने में सक्षम नहीं है।
“बिजली है, लेकिन उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था कमजोर”
संघर्ष समिति ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे जरूरी यह है कि उपलब्ध बिजली को निर्बाध तरीके से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और फॉल्ट का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो। लेकिन 20 हजार से अधिक संविदा कर्मियों को हटाए जाने, लखनऊ समेत कई शहरों में लागू वर्टिकल व्यवस्था तथा नियमित पदों को कमजोर किए जाने से पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई है।समिति ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता भीषण गर्मी में दिन-रात फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन का असंवेदनशील रवैया व्यवस्था को संभालने के बजाय और बिगाड़ रहा है। संघर्ष समिति के मुताबिक, अनुभवी संविदा कर्मियों को हटाने से फॉल्ट सुधार कार्य प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
“प्रबंधन वार्ता करे, समाधान निकलेगा”
संघर्ष समिति ने एक बार फिर पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष से तत्काल वार्ता की मांग उठाई। समिति ने कहा कि वह बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सहयोग को तैयार है, लेकिन इसके लिए प्रबंधन को भी सकारात्मक पहल करनी होगी।संघर्ष समिति ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई तो भीषण गर्मी में बिजली संकट और गहराएगा तथा इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी संविदाकर्मियों की वापसी, फील्ड कर्मचारियों का संरक्षण और मजबूत कार्यप्रणाली बेहद जरूरी है।