Sonbhadra News: व्यापारियों ने ट्रैफिक, सुरक्षा और भूमि अभिलेख से जुड़े मुद्दे उठाए

Sonbhadra News: सोनभद्र में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में व्यापारियों ने स्कूल खुलने से पहले नो-एंट्री समय बदलने, यातायात सुधार, यात्री सुविधाएं और भूमि अभिलेख मामले के समाधान की मांग की।

Update:2026-06-28 21:49 IST

व्यापारियों ने ट्रैफिक, सुरक्षा और भूमि अभिलेख से जुड़े मुद्दे उठाए (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र। पुलिस लाइन स्थित सभागार में रविवार को व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने शहर की यातायात व्यवस्था, जनसुविधाओं, सुरक्षा तथा भूमि विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और पुलिस प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।

स्कूल खुलने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि आगामी 1 जुलाई से जिले के सभी विद्यालय खुल रहे हैं। वर्तमान में नगर में सुबह 8 बजे से नो-एंट्री लागू होती है, जबकि अधिकांश विद्यालयों का संचालन सुबह 7 बजे से शुरू हो जाता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों की भीड़ के साथ भारी वाहनों की आवाजाही भी बनी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं।


उन्होंने मांग की कि बढ़ौली चौराहा, डीएबी स्कूल के पास, जयपुरिया स्कूल मोड़ सहित विद्यालयों के आसपास प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। यदि यह संभव न हो तो नो-एंट्री का समय कम से कम एक घंटे बढ़ाया जाए, ताकि स्कूली समय में यातायात व्यवस्था सुचारु रह सके।

चुर्क मोड़ पर यात्री सुविधाएं और पुलिस पिकेट बनाने की मांग

बैठक में कौशल शर्मा ने चुर्क मोड़ स्थित सर्किट हाउस के समीप तिराहे की समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि यह जनपद का अत्यंत महत्वपूर्ण तिराहा है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री, विद्यार्थी, पुलिसकर्मी और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग बस व अन्य वाहनों का इंतजार करते हैं। इसके बावजूद वहां यात्रियों के बैठने, धूप, बारिश और ठंड से बचाव के लिए कोई शेड या अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। चूंकि यह सोनभद्र का मुख्य प्रवेश द्वार भी है, इसलिए यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय और पुलिस पिकेट की स्थापना जनहित में आवश्यक है।

आठ साल बाद भी नहीं मिला गायब खतौनी रजिस्टर

जिलाध्यक्ष ने वर्ष 2018 में गायब हुए खतौनी रजिस्टर का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में खतौनी रजिस्टर गायब हो गया था, जिसके संबंध में 4 मार्च 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो रजिस्टर बरामद हो सका और न ही सर्वे सूची प्रकाशित की गई।

उन्होंने कहा कि नगर में जमीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए गायब खतौनी रजिस्टर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की संलिप्तता सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों के बीच व्याप्त संशय समाप्त हो सके।

बैठक में राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, विनोद जायसवाल, अमित अग्रवाल, धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम हुसैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

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