UP BJP में कई मंत्रियों की छुट्टी तय! दिल्ली में देर रात हुई हाई लेवल मीटिंग, सबसे बड़े बदलाव की आहट

UP Cabinet Expansion 2026: यूपी में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज। दिल्ली और लखनऊ में लगातार हाई-लेवल बैठकों के बाद बीजेपी 2027 चुनाव से पहले बड़ा सियासी फेरबदल कर सकती है। 6 नए मंत्रियों की एंट्री, जातीय संतुलन और नाराज वर्गों को साधने पर फोकस।

Update:2026-04-17 07:42 IST

UP Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों जबरदस्त हलचल है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर ऐसा चला है कि अब किसी भी वक्त योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का बिगुल बज सकता है। गुरुवार की काली अंधेरी रात में जब पूरी दिल्ली सो रही थी, तब भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार यूपी के 'रिपोर्ट कार्ड' को खंगाल रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष के साथ यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह की इस मैराथन बैठक ने साफ कर दिया है कि अब बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है।

विनोद तावड़े की 'सीक्रेट रिपोर्ट' पर अंतिम मुहर

इस पूरे सियासी घटनाक्रम की नींव 12 और 13 अप्रैल को लखनऊ में ही पड़ गई थी। भाजपा के केंद्रीय दूत विनोद तावड़े ने राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों के साथ बंद कमरे में घंटों लंबी रायशुमारी की थी। तावड़े ने मंत्रियों के प्रदर्शन से लेकर संगठन के जमीनी फीडबैक तक की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। अब दिल्ली में चल रही यह देर रात की बैठक उसी रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी है। पार्टी आलाकमान इस बार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर चेहरे को बड़ी ही सावधानी से परखा जा रहा है।

सोशल इंजीनियरिंग: नाराज वर्गों को साधने का मास्टरप्लान

भाजपा का पूरा ध्यान अब 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी का लक्ष्य 'हैट्रिक' लगाना है, और इसके लिए उन सामाजिक समीकरणों को फिर से मजबूत किया जा रहा है जहाँ थोड़ा भी बिखराव नजर आया। सूत्रों की मानें तो कुर्मी, पासी, शाक्य और मौर्य समाज की नाराजगी दूर करना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन वर्गों के प्रभावशाली चेहरों को न केवल मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, बल्कि संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के बीच कथित असंतोष की चर्चाओं को खत्म करने के लिए सवर्ण प्रतिनिधित्व को और अधिक प्रभावी बनाने पर मंथन हो रहा है।

6 नए मंत्रियों की एंट्री और खराब प्रदर्शन वालों की 'छुट्टी'

संवैधानिक आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी सरकार में फिलहाल 6 नए मंत्रियों के लिए जगह खाली है। लेकिन चर्चा सिर्फ इन 6 सीटों को भरने की नहीं है, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों को बदलने या उन्हें पद से मुक्त कर संगठन में भेजने की भी है। जिनका रिपोर्ट कार्ड खराब रहा है, उन्हें संगठन की मुख्यधारा में जोड़कर नए और ऊर्जावान चेहरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही, विभिन्न आयोगों और निगमों में खाली पड़े पदों पर उन समर्पित कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा जो लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली की इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर योगी सरकार का नया स्वरूप सामने होगा। पार्टी एक ऐसी 'टीम योगी' तैयार कर रही है जो जातीय संतुलन और क्षेत्रीय अस्मिता का ध्यान रखते हुए विकास के एजेंडे को बिजली की रफ्तार से आगे बढ़ा सके। अब देखना यह है कि दिल्ली से लौटने के बाद लखनऊ में शपथ ग्रहण की तारीख का एलान कब होता है।

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