UP GST Collection 2026: यूपी बना देश का 'दूसरा' सबसे बड़ा GST कलेक्शन वाला राज्य! योगी राज में दोगुनी हुई अर्थव्यवस्था

UP GST Collection 2026: हाल ही में जारी GST संग्रह के आंकड़ों ने पूरे देश की राजनीति और आर्थिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

Update:2026-05-14 13:58 IST

UP GST Collection 2026

UP GST Collection 2026: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कानून व्यवस्था और 'बुलडोजर मॉडल' तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आज आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति के नए आयाम भी स्थापित कर रहा है। हाल ही में जारी GST संग्रह के आंकड़ों ने पूरे देश की राजनीति और आर्थिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीनों में उत्तर प्रदेश ने तकरीबन 10,178 करोड़ रुपये का GST संग्रह कर देश भर में दूसरा स्थान है और महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। लेकिन यूपी की बात आकृतेन तो इसने कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु जैसे पारंपरिक औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार इसे अपनी आर्थिक नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का बड़ा परिणाम बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि योगी सरकार की छवि को सिर्फ "लॉ एंड ऑर्डर" तक सीमित रखने वाली राजनीति को चुनौती देती है।

2017 के बाद बदली UP की तस्वीर

साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को हमेशा “बीमारू राज्य” कहा जाता था। खराब सड़कें, बिजली संकट, गुंडाराज और उद्योगों का पलायन राज्य की पहचान बन चुके थे। कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर धीरे-धीरे बंद मिलों के कब्रिस्तान में तब्दील होते जा रहे थे। व्यापारियों और उद्योगपतियों में भय का माहौल था और निवेशक यूपी आने से बचते थे।

योगी सरकार बनने के बाद सबसे पहले माफिया और अपराध के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। अवैध कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई, एनकाउंटर और पुलिस सुधारों ने व्यापारिक माहौल में बड़ा परिवर्तन लाया। इसके साथ ही सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े स्तर पर निवेश शुरू किया।

एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट बने विकास की रीढ़

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने राज्य की लॉजिस्टिक व्यवस्था को मजबूत किया। वहीं, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अयोध्या एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स ने यूपी को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक बनाया। सरकार की “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना ने स्थानीय उद्योगों और हस्तशिल्प को नई पहचान दी। इससे छोटे व्यापारियों और MSME सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिला।

नोएडा बना इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब

आज ग्रेटर नोएडा और नोएडा देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुके हैं। यहां Samsung, OPPO, Vivo और Lava International जैसी कंपनियों की यूनिट्स कार्य कर रही हैं। इसके अलावा बड़े डेटा सेंटर और वेयरहाउसिंग सेक्टर में भी यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अर्थव्यवस्था हुई लगभग दोगुनी

आंकड़ों के मुताबिक, 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 12-13 लाख करोड़ रुपये की थी, जो अब बढ़कर तकरीबन 24 से 27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यही वजह है कि अब यूपी खुद को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा कर रहा है।

इसे लेकर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आगामी चुनावों में योगी आदित्यनाथ सिर्फ "कानून व्यवस्था" के चेहरे के रूप में नहीं, बल्कि विकास और निवेश के मॉडल के तौर पर भी जनता के सामने होंगे।

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