Waqf Bill Reaction: वक्फ बिल में बदलाव पर क्या कहते हैं मौलाना, जानिये उनकी क्या है तजवीज

Waqf Bill Reaction in UP: न्यूजट्रैक के संवाददाताओं ने भी कुछ मौलानाओं से बात की है और उनकी बात को हम आप तक पहुंचा रहे हैं;

By :  Neena Jain
Update:2025-04-03 15:31 IST

Waqf Bill Latest Update: वक्फ बिल लोकसभा से पारित होने के बाद आज राज्यसभा में पेश हो गया है। बिल पर संसद में जबरदस्त बहस चल रही है। एक ओर संसद में इस पर बहस जारी है दूसरी ओर जनता की अदालत में भी इस पर लोगों के बीच हर गली नुक्कड़ चौराहों चाय की अड़ियों पर बहस हो रही है। सवाल इस बात को लेकर है कि पुराना वक्फ कानून क्या सही था अगर कमी थी तो क्या कमी थी। कुछ मौलाना पुराने कानून में कमी की बात स्वीकारते हैं लेकिन नये बिल के नतीजों को लेकर आशंकित दिखते हैं। हालांकि जहां तक आम जनता की बात है उसे दोनों ही कानूनों की बारीकियों की जानकारी नहीं है। जो बात नेताओं के मुंह से सुन रहे हैं उसी को सही मानकर इस बहस से जड़ गए हैं। न्यूजट्रैक के संवाददाताओं ने भी कुछ मौलानाओं से बात की है और उनकी बात को हम आप तक पहुंचा रहे हैं -

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने केंद्र सरकार के फैसले का किया स्वागत

बरेली - बरेली के ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेहराइची मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने वक्फ संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार और बिल के पक्ष में मतदान करने वाले सांसदों का स्वागत किया है, उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से गरीब मुसलमानों को फायदा होगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी हद तक ठीक होगी ऐसी उन्हें उम्मीद है। उन्होंने केंद्र सरकार को मुबारकबाद देते कहा कि सरकार ने बुराई के खात्मे के लिए अच्छा कदम उठाया है। इस बिल से गरीब मुसलमानों को फायदा होगा। उन्होंने हमला करते हुए कहा कि अभी तक वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जमीन माफियाओं से मिलकर उसका फायदा उठाते थे जबकि वक्फ बोर्ड गरीब मुसलमानों के लिए बना था जिससे उनकी आर्थिक हालत सही हो सके।

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इस बीच बरेली में अलर्ट लोकसभा में वक्फ बिल पास होने के साथ ही राजनीति गरमा गई है। बरेली समेत पूरे जोन और रेंज में वक्फ की संपत्तियां हैं। इस लिहाज से प्रदेश मुख्यालय से अधिकारियों ने यहां पुलिस को खासी चौकसी बरतने का निर्देश दिया है। इसी सिलसिले में एसएसपी अनुराग आर्य ने राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की बैठक की और उन्हें दिशा निर्देश दिए हैं। आईजी डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत रेंज की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया विभाग भी जोन, रेंज और जिले में अलर्ट पर है।

प्रापर्टी सही हकदारों तक पहुंचते तो बिल के समर्थन में - हाफिज मुहम्मद 

सहारनपुर में आल इंडिया जमियतुल हुफफाज के अध्यक्ष हाफिज मुहम्मद उवेस ने कहा है कि बड़े अफसोस की बात है कि वक्फ बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। कोई ज्यादा फर्क नहीं है सो 232 लोगों की भीभावनाओं को मद्देनजर रखकर ही फैसला लेना चाहिए। बहरहाल, जिसकी सरकार चलती है उसकी तादाद ज्यादा होती है। समर्थन भी उसका अक्सर ज्यादा होता ही है। लेकिन वक्फ की संपत्तियों का जो मसला है बड़ा अहम है। इस को लेकर के पूरे देश में एक हौवा खड़ा किया हुआ है। एक डरने वाला माहौल खासकर एक कम्युनिटी को टारगेट करके वक्फ की जायदादों को लेकर के गढ़ा गया है। यह कहना कि वक्फ की जायदादों का इस्तेमाल गलत हो रहा है,

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हाफिज मुहम्मद उवेस ने कहा, हम भी मानते हैं गलत हो रहा है, ये सही कैसे हो सरकार की जिम्मेदारी है कि वक्फ की जायदादों का सही इस्तेमाल हो हकदार को उसका सही हक मिले, ऐसे कानून बनाना चाहिए। जो इसके सही हकदार हैं ये प्रापर्टी उन तक पहुंचे। ऐसा है तो हम इस बिल के समर्थन में हैं। अगर ऐसा नहीं होता जो हमारा खतरा पहले से था आज भी रहेगा। इस बिल के पास होने के बाद जो असरदार सरमायेदार वक्फ की कीमती प्रापर्टी पर काबिज हैं वह अपना मालिकाना हक दाखिल करके काबिज हो जाएंगे। इनको कोई हटाने वाला नहीं है ये हमें खतरा है। आप देख लेना जल्दी ही इसका रिजल्ट सामने आएगा। हमारा मानना है कि जितनी भी जरूरी चीजें हैं उन पर गौर करना चाहिए पक्ष को भी सुनना चाहिए विपक्ष को भी सुनना चाहिए। जनता ने जिन लोगों को चुन कर के भेजा है उनको सुनकर के सही फैसला लेना चाहिए। जहां तक संविधान की बात है तो संविधान का तो अतिक्रमण हो रहा है। सीधा सीधा संविधान ने ये जो हक दिया है हिन्दुस्तान के तमाम धर्म के लोगों को भाई चारा, एकता, उसके विपरीत ये सबकुछ हो रहा है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है अफसोस की बात है।

इसी तरह वक्फ बिल में हो रहे संशोधन पर सहारनपुर में जब जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक व देवबंदी उलेमा कारी इश्तहाक गोरा से पूछा गया तो उनका कहना था कि बोर्ड जो रणनीति तय करेगा उस पर अमल किया जाएगा।

Muzaffarnagar News: वक्फ़ बिल का समर्थन, 75 वर्षों से काबिज वक्फ के ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग

वक्फ़ संशोधन बिल बुधवार देर रात लोकसभा में पास हो गया। जिसके बाद जहां विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया तो वहीं कुछ मुस्लिम मौलानाओं द्वारा इसका समर्थन भी किया जा रहा है। अगर बात हम पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की करें तो गुरुवार को यहां जमीयत ए उलेमा के जिला सचिव और स इस्लामिक लाइब्रेरी के संस्थापक मौलाना कारी मोहम्मद खालिद बसीर कासमी ने एक प्रेस वार्ता कर वक्फ़ संशोधन बिल का समर्थन करते हुए कहा कि रात हमने सरकार और विपक्ष दोनों का पक्ष सुना है। जिसके चलते हम कहना चाहते हैं कि वक्फ़ संशोधन बिल सरकार वक्फ़ के हित और गरीबों के हित में लाई है, हम उसका समर्थन करते हैं।

मौलाना कारी मोहम्मद खालिद बशीर कासमी की माने तो केंद्र गवर्नमेंट ने कल वक्फ तरमीमी बिल लेकर आई थी लंबी बहस के बाद में रात 1:56 पर बिल पास हो गया हमने गवर्नमेंट का पक्ष भी सुना और विपक्ष का पक्ष भी सुना हम इस पर यह कहना चाहते हैं कि वक्फ तरमीमी बिल में जो कुछ गवर्नमेंट वक्फ के हित में और गरीबों के हित में लाई है, हम उसका समर्थन करते हैं। अलबत्ता बिल में वह चीजे जिस पर मुस्लिम धर्म गुरुओं को आपत्ति है, उस पर हम सरकार से यह अनुरोध करते हैं, यह अपील करते हैं कि आप वार्ता का दरवाजा बंद न करिएगा, बल्कि मुस्लिम सामाजिक या धर्मगुरु या मुस्लिम बुद्धिजीवी इस वक्फ के हित में जो कुछ भी प्रस्ताव आपको देना चाह रहे हैं उन प्रस्ताव को स्वीकार करके बिल का हिस्सा बनाया जाए, दूसरी चीज हमने यह कहनी है कि जिन लोगों ने पिछले 75 सालों में वक्फ ज्यादादों को लूटा है उसका दुरुपयोग किया है, गरीबों को उससे महरूम रखा है, हुकूमत एक आयोग बनाएं जांच हो और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए देखिए मुल्क संविधान से चलता है और मुल्क में लोकतंत्र है, तो एक लंबी प्रक्रिया से बिल गुजरा है एक लंबी बहस हुई है, सब लोगों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है तो यह तो लोकतंत्र के लिए एक अच्छी चीज है कि जो बिल लाया गया है उस पर खुलकर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अलबत्ता अभी भी गुंजाइश है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हो राजनीति से ऊपर उठकर वक्फ के हित में खासतौर पर गरीबों के हित में आगे का कोई प्रोग्राम बनाएं और वक्फ की हिफाजत और गरीबों की फला महबूद के लिए यह काम करें मुजफ्फरनगर में बहुत बड़े-बड़े वक्फ हैं इसी तरह से उत्तर प्रदेश में बहुत बड़े-बड़े वक्फ हैं तो इसी तरह पूरे मुल्क में वक्फ की ज्यादादे फैली हुई हैं हम शहर के लिए भी और प्रदेश के लिए भी मांग करते हैं कि वक्फ की ज्यादाद जहां भी 1 इंच भी हो तो वह गरीबों तक उसका फायदा पहुंचना चाहिए और अगर पूंजीपति लोग उससे फायदा उठा रहे हैं तो हुकूमत को उसका इंतजाम करना चाहिए। बिल में जो चीजे वक्फ के और गरीबों के हित में है उसका समर्थन करते हैं और जिन चीजों पर संविधानिक आपत्ति है उन पर वार्ता की अपील करते हैं।

Shravasti news: वक्फ संशोधन बिल पर मौलानाओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया,जिले में वक्फ की 401 संपत्ति हैं मौजूद, पुलिस ने बार्डर एरिया में चलाया सघन चेकिंग अभियान

Shravasti:वक्फ संशोधन बिल पर देवीपाटन मंडल में मौलानाओं के दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं। संस्थापक एवं प्रबंधक मदरसा सुल्तानुल उलूम मीरपुर कस्बा किसान बाज़ार के पीछे मोहल्ला सालारगंज बहराइच मौलाना सिराज अहमद मदनी ने जहां इसका विरोध जताया है, उन्होंने कहा कि वक्फ कानून हमें कबूल नहीं है क्यों कि यह बिल शरीअत ए इस्लामी के खिलाफ है ।हम हर चीज से समझौता कर सकते हैं ,लेकिन शरीअत ए इस्लामी से समझौता नहीं कर सकते हैं । कहा कि यह मुसलमानों के हुक़ूक़ का सवाल है ।इस कानून से हुकूमत मुसलमानों के हुक़ूक़ को छीनना चाहती है जिसको देश के कानून ने दिया है ।कहा कि जमीअत उलमा ए हिंद व आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस कानून के खिलाफ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगी।

वहीं भिनगा के सुफी सगीर अहमद ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। और कहा कि जो कुछ सरकार ने किया होगा वह सही होगा, हालांकि वह अभी यह कहकर भी पल्ला झाड़ते रहे की अभी उन्हें इसकी पूरी तरह से पढ़ा नहीं है।बता दें कि सुफी सगीर अहमद मौलाना के साथ अधिवक्ता पेशे से भी जुड़े हैं और भिनगा कचेहरी में विधि व्यवसाय भी करते हैं। फिलहाल भिनगा के सुफी सगीर अहमद अभी साफ शब्दों में कोई भी बयान नहीं देते दिखाई दे रहे है।

वही बता दें कि श्रावस्ती में वक्फ की कुल 401 संपत्ति मौजूद है। इनमें मस्जिद व कब्रिस्तान बनाया गया है। हालांकि ज्यादातर में कोई विवाद नहीं है। जबकि विनियमित क्षेत्र कटरा में स्थित कथित मीर शाह बाबा की मजार को वक्फ का बताया जा रहा है। जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। यह बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती के राजगढ़ गुलहरिया स्थित गाटा संख्या 1392 रकबा 1.509हेक्टेअर भूमि सहेट महेट के नाम महफूज है। यह भूमि पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण के अंतर्गत आता है। इसकी 200 मीटर परिधि में बगैर अनुमति कोई निर्माण कराना विधि के विपरीत है। जबकि इसी संरक्षित भूमि के कुछ भाग पर कथित मीर शाह मजार स्थित है। यहां सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ मकान नंबर दो इंजेतामिया कमेटी दरगाह हज़रत सय्यद मीर शाह रह: का बोर्ड लाया गया था। जिसे विगत वर्ष एसडीएम इकौना ओम प्रकाश के निर्देश पर हटाया गया था। यही नहीं एसडीएम ने यहां बृहस्पतिवार को लगने वाले साप्ताहिक मेले को भी प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि बावजूद विगत वसंत पंचमी पर यहां मेला लगा था।इसके अतिरिक्त जिले के वक्फ की कुल 401 संपत्ति है। इनमें भिनगा तहसील क्षेत्र में 224, जमुनहा तहसील क्षेत्र में 136, जबकि इकौना तहसील क्षेत्र में 41 संपत्ति बताई जा रही हैं। इन संपत्तियों में या तो मस्जिद बनी है या फिर कब्रिस्तान स्थित है।वही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम का कहना है कि फिलहाल जिले में वक्फ की संपत्ति को लेकर कहीं कोई विवाद नहीं है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर अलर्ट जारी है ।केंद्र सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को राज्य सभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया। इसे लेकर जिले में दूसरे दिन भी प्रशासन चौकन्ना है । एक तरफ जहां नेपाल सीमा क्षेत्र में मल्हीपुर व सिरसिया पुलिस ने एसएसबी के जवानों के साथ सीमा पर गश्त किया। वहीं जिले के भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम हेतु एसपी घनश्याम चौरसिया ने खूद सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी) के साथ थाना सिरसिया क्षेत्र स्थित सुइयां बॉर्डर पर संयुक्त रूप से शाम को गश्त एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया।इस दौरान सीमा क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति का गहन निरीक्षण किया गया तथा नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संयुक्त गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों एवं मालवाहक गाड़ियों की चेकिंग की गई, साथ ही सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु स्थानीय पुलिस एवं एसएसबी जवानों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने एवं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं सशस्त्र सीमा बल द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।साथ ही, लोगों से अपील की जाती है कि वे भ्रामक सूचनाओं एवं अफवाहों पर विश्वास न करें, और सत्यापित स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक थाना सिरसिया राजकुमार सरोज सहित पुलिस एवं एस एस बी अधिकारी/कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

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