ट्रंप का अगला शिकार काश पटेल? 2000 करोड़ का मुकदमा, शराब का विवाद और हैकिंग... जानें क्यों FBI चीफ की कुर्सी पर लटकी तलवार

भारतीय मूल के एफबीआई प्रमुख काश पटेल विवादों में घिर गए हैं। रिपोर्ट्स में उनके हटाए जाने की संभावना जताई गई है, जबकि व्हाइट हाउस ने ट्रंप का भरोसा बरकरार बताया है। शराब विवाद, ईमेल हैकिंग और आंतरिक विरोध से दबाव बढ़ता दिख रहा है।

By :  Shivam
Update:2026-04-26 18:08 IST

अमेरिका से एक अहम खबर सामने आई है, जिसमें भारतीय मूल के एफबीआई निदेशक काश पटेल की कुर्सी पर खतरा मंडराने की बात कही जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, Politico ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन में अगली बड़ी बर्खास्तगी काश पटेल की हो सकती है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि डोनाल्ड ट्रंप का भरोसा अब भी उन पर कायम है।

रिपोर्ट में एक व्हाइट हाउस अधिकारी के हवाले से कहा गया कि काश पटेल को हटाना “सिर्फ समय की बात” है। यह दावा उस समय सामने आया जब वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के आसपास गोलीबारी की घटना हुई।

शराब से जुड़े विवाद

The Intercept की रिपोर्ट के मुताबिक, काश पटेल ने माना है कि उन्हें दो बार सार्वजनिक जगह पर शराब पीने के मामले में गिरफ्तार किया गया था एक बार छात्र जीवन में और दूसरी बार न्यूयॉर्क में। वहीं The Atlantic ने दावा किया कि वे अक्सर नशे की हालत तक शराब पीने के लिए जाने जाते हैं। इस रिपोर्ट के खिलाफ उन्होंने करीब 250 मिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है।

अमेरिकी संसद की House Judiciary Committee के कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने उनसे “ऑडिट-सी” टेस्ट कराने की मांग भी की है, जो शराब की लत का आकलन करता है। हालांकि पटेल का कहना है कि उन्होंने कभी काम के दौरान नशा नहीं किया।

ईमेल हैकिंग विवाद

मार्च में ईरान से जुड़े एक हैकर समूह ने काश पटेल की निजी ईमेल हैक करने का दावा किया। इस घटना को गंभीर माना गया, क्योंकि यह मामला Federal Bureau of Investigation के प्रमुख की सुरक्षा से जुड़ा था। अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि लीक सामग्री असली लगती है।

पाम बोंडी से संबंध

2 अप्रैल को ट्रंप ने पाम बोंडी को पद से हटा दिया था। काश पटेल उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोंडी की विदाई के बाद पटेल भी संभावित रूप से हटाए जाने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हो गए।

एजेंसी के भीतर विरोध

मार्च में एफबीआई के कुछ एजेंटों ने काश पटेल, पाम बोंडी और न्याय विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया। इन एजेंटों का आरोप है कि उन्हें 2020 चुनाव से जुड़ी जांच के कारण हटाया गया। इससे संकेत मिलता है कि एजेंसी के भीतर भी असंतोष है।

व्हाइट हाउस का रुख

इन तमाम विवादों के बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का काश पटेल पर भरोसा अभी भी बना हुआ है।

काश पटेल कौन हैं?

काश पटेल भारतीय मूल के अमेरिकी अधिकारी हैं और फिलहाल एफबीआई के प्रमुख हैं। वे “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” अभियान से जुड़े रहे हैं और तथाकथित “डीप स्टेट” पर एक किताब भी लिख चुके हैं। पिछले लगभग 14 महीनों से वे इस पद पर कार्यरत हैं।

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