इस दिन गंगा स्नान व दीपदान का है महत्व, जानिए कैसे मिलता है पूर्वजों को मुक्ति?

मंगलवार 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है । इस पूर्णिमा का धर्म शास्त्रों में बहुत महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से स्वर्ग का मार्ग मिलता है। इस लोग गंगा, सरयू, नर्मदा और यमुना में डुबकी लगाते हैं । कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत भी करने का विधान है।

जयपुर: मंगलवार 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है । इस पूर्णिमा का धर्म शास्त्रों में बहुत महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से स्वर्ग का मार्ग मिलता है। इस लोग गंगा, सरयू, नर्मदा और यमुना में डुबकी लगाते हैं । कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत भी करने का विधान है।

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मान्यता है कि चतुर्मास के विश्राम के बाद भगवान कार्तिक पूर्णिमा को पूरी तरह जागते हैं। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत, पूजा और स्नान-दान का विशेष महत्व है। साथ ही कहते हैं कि  इसी तिथि को भगवान विष्णु ने पहला मत्स्य अवतार लिया था।इस  दिन भगवान विष्णु ने त्रिपुरासुर दैत्य का वध किया था जिसकी खुशी में देवताओं ने देव दीपावली मनाई थी। इसके बाद से हर साल कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाया जाने लगा हैं।  भागवत पुराण के अनुसार, कहते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान कृष्ण ने गोपियों संग रास रचाया था। कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ी घटनाएं व संयोग इस पर्व को खास बनाते हैं।

मुहूर्त- 11-11-2019 सोमवार शाम 6.05 बजे से, 12-11-2019 मंगलवार शाम 7.14 बजे तक ।स्नान मुहूर्त- सुबह :6:59 से 9.16बजे ,दोपहर 12 से2.38 बजे । इस दिन गंगा में व तुलसी के पास दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।  इसी दिन देवताओं ने गंगा में दीप दान किया था। इसलिए दीप जलाकर देव दीपावली मनायी जाती है।

 

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गंगा स्नान व दीपदान का महत्व

*कार्तिक मास में सारे देवता जलाशयों में छिपे होते हैं।भगवान श्रीहरि भी पाताल में रहते हैं। इस तिथि पर गंगा स्नान से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है।कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से साल भर किए गए सभी बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है। मन से बुरी भावनाओं का विनाश होता है और अच्छे विचारों का वास होता है।

* कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से सालभर के गंगा स्नान का फल मिलता है। इस दिन सिर्फ गंगा ही नहीं , बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में पूजी जाने वाली नदियों और सरोवरों में भी स्नान कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं।

*कार्तिक पूर्णिमा पर सिर्फ गंगा स्नान ही नहीं बल्कि दीपदान का भी खास महत्व है। इस दिन दीप दान करने से पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति मिलती है।

 

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*इस दिन लोग काशी में दीपदान करने के लिए इकट्ठा होते हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख तीर्थ स्थानों पर भी दीप दान किया जाता है।

*कार्तिक पूर्णिमा को  देव दीपावली  के नाम से जानते है क्योंकि इस दिन देवता दीये जलाते हैं। आम लोगों के लिए दिवाली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है मगर देवताओं के लिए यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन आता है।

* कार्तिक महीना हिंदू धर्म में काफी पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने गंगा स्नान करने से पूरे जीवन भर की बुराई व पाप दूर हो जाती है।