शुरू हो गया शादियों का सीजन, नवंबर व दिसंबर में है ये शुभ मुहूर्त

प्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागते ही सारे शुभ काम शुरु हो जाएंगे। इस दिन से भगवान विष्णु निंद्रा से जागते हैं और शुभ कार्य शुरू होते हैं। 8 नवंबर से शादियों का सीजन शुरु हो जाएगा। हर तरफ शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।लेकिन इधर ग्रहों के राशि परिवर्तन के चलते इस बार विवाह के मुहू्र्त 19 नवंबर से है।

जयपुर : प्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागते ही सारे शुभ काम शुरु हो जाएंगे। इस दिन से भगवान विष्णु निंद्रा से जागते हैं और शुभ कार्य शुरू होते हैं। 8 नवंबर से शादियों का सीजन शुरु हो जाएगा। हर तरफ शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।लेकिन इधर ग्रहों के राशि परिवर्तन के चलते इस बार विवाह के मुहू्र्त 19 नवंबर से है।

वैसे देवउठनी एकादशी से विवाह शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा। इस बार देवोत्थान एकादशी के पूर्व विवाह का कारक ग्रह बृहस्पति राशि बदलकर 12 साल बाद अपनी ही राशि धनु में गोचर कर रहा है। बृहस्पति का धनु राशि में गोचर शुभ माना गया है। वर्तमान में सूर्य तुला राशि में है। तुला राशि में सूर्य के होने से विवाह नहीं होते। देवोत्थान एकादशी के 9 दिन बाद ही सूर्य राशि बदलेगा। विवाह के मुहूर्त में वर के लिए सूर्य और कन्या के लिए बृहस्पति की स्थिति देखी जाती है। इसलिए इन दोनों ग्रहों के राशि परिवर्तन से इस बार विवाह के कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।

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इस बार 8 नवंबर से 14 दिसंबर तक शादियों के लग्न है। उसके बाद 15 दिसंबर से 9 जनवरी तक गुरु अस्त रहेगा। जब गुरू अस्त होते हैं तो शादियां नहीं होती। इसके बाद फिर 15 जनवरी से दो मार्च तक शादियों के लिए शुभ-मुहूर्त है।

शुभ-मुहूर्त

नवंबर में आठ, 19, 20, 21, 22, 23,24, 28, 30, दिसंबर में एक, दो, तीन, सात, आठ, 11, 12, जनवरी माह में 15, 16, 17, 18, 20, 26, 29, 30, 31, फरवरी माह में एक, दो, चार, नौ, 10, 12, 15, 16, 21, 25, 26, 27, 28, मार्च में 1, व 2 तिथियां रहेंगी।

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