केवल छलनी व चांद ही नहीं, मिट्टी का करवा भी है जरूरी, जानिए क्यों?

करवा चौथ पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। और इससे खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।चांद व छलनी की तरह ही करवा चौथ में मिट्टी के करवे की जरूरत होती है। महिलाएं मिट्टी से तैयार करवे से पानी पीकर ही अपना व्रत खोलती हैं। जानते है तथ्य मिट्टी के करवे से ही महिलाएं क्यों पीती है पानी।

Published by suman Published: October 17, 2019 | 8:05 am
Modified: October 17, 2019 | 9:11 am

जयपुर: करवा चौथ पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। और इससे खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। चांद व छलनी की तरह ही करवा चौथ में मिट्टी के करवे की जरूरत होती है। महिलाएं मिट्टी से तैयार करवे से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं। जानते हैं रहस्य मिट्टी के करवे से ही महिलाएं क्यों पीती है पानी।

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करवा में पांच तत्व होते है जल, हवा , मिट्टी, अग्नि,  व आकाश । इससे ही  हमारा शरीर भी बना है। करवा में मिट्टी व पानी मिलाया जाता है। मिट्टी और पानी भूमि और जल का प्रतीक हैं। करवे का आकार दे देने के बाद इसे धूप और हवा में रखा जाता है ताकि ये जल्दी सूख जाए, ये आकाश और वायु का प्रतीक है। इसके बाद करवे को आग में तपा कर पक्का किया जाता है जो अग्नि का प्रतीक है। एक करवा तैयार करने में पांचों तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है।

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सृष्टि भी इन्ही पांचों तत्वों से मिलकर बनी है और इसी वजह से मिट्टी के करवे का भी महत्व बढ़ जाता है चांद दर्शन हो जाने के बाद मिट्टी के करवे से पानी पिलाया जाता है और इस तरह पांचों तत्वों का समावेश शरीर में होता है। जो स्वस्थ वैवाहिक जीवन की खुशहाली का प्रतीक है।

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