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बिहार चुनाव: क्या शरद यादव पुराने गिले-शिकवे मिटाकर फिर से थामेंगे नीतीश का हाथ?

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NewstrackBy Newstrack

Published on 31 Aug 2020 10:30 AM GMT

बिहार चुनाव: क्या शरद यादव पुराने गिले-शिकवे मिटाकर फिर से थामेंगे नीतीश का हाथ?
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इसी कड़ी में अब नीतीश कुमार के अपने पुराने साथी शरद यादव के साथ तार जोड़ने की कवायद तेज हो गई हैं। जेडीयू के कई नेता शरद यादव से संपर्क बनाए हुए हैं।
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नई दिल्ली: बिहार विधान सभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कोई भी दल इस बार का चुनाव हारना नहीं चाहता है। इसलिए जोड़ तोड़ की राजनीति भी शुरू हो गई है।

पार्टी से गद्दारी करने वाले नेताओं को बेदखल किया जा रहा है और पुराने भरोसे मंद नेताओं को फिर से पार्टी में शामिल किया जा रहा है। बीते दिनों श्याम रजक को जेडीयू से निकाले जाने के बाद तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी ने उन्हें आरजेडी का पुराना वफादार मानते हुए पार्टी में वापस ले लिया।

इसी कड़ी में अब नीतीश कुमार के अपने पुराने साथी शरद यादव के साथ तार जोड़ने की कवायद तेज हो गई हैं। जेडीयू के कई नेता शरद यादव से संपर्क बनाए हुए हैं। जिसके बाद से शरद यादव के पार्टी में वापसी की अटकलें लगाई जा रही है।

Sharad Yadav शरद यादव और नीतीश कुमार की फाइल फोटो

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जे़डीयू के प्रवक्ता ने दिया गोलमोल जवाब

जबकि जे़डीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन अभी शरद यादव की पार्टी में वापसी पर कुछ भी साफ़ –साफ़ नहीं बोल रहे हैं। इस मामले में उन्होंने अभी केवल इतना ही कहा है कि शरद यादव समाजवादी आंदोलन के बड़े नेता हैं लेकिन उनकी पार्टी में वापसी हो रही है, इस पर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के साथ मनमुटाव की वजह से शरद यादव ने साल 2018 में जेडीयू से रिश्ता तोड़ लिया था और लोकतांत्रिक जनता दल नाम से अपनी एक अलग पार्टी बना ली थी।

शरद यादव के साथ अली अनवर और कई बड़े नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया था। शरद यादव महागठबंधन का हिस्सा हैं लेकिन आरजेडी उन्हें खास तवज्जों नहीं दे रही है। ऐसे में शरद यादव का नीतीश के साथ जाने की संभावना नजर आने लगी हैं।

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नीतीश का पार्टी के परंपरागत मतदाताओं पर नजर

उधर बिहार के सीएम और जेडीयू नेता नीतीश कुमार आरजेडी के परंपरागत मतदाताओं पर नजर बनाये हुए है। आरजेडी के कई नेता हाल ही में जेडीयू में शामिल हुए हैं, जिसमें यादव और मुस्लिम विधायक के लोग भी समिल्लित हुए हैं। शरद यादव के पार्टी में वापस आ जाने से नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव के परंपरागत वोटर्स यानि कि यादवों को अपनी तरफ साध सकते हैं।

मालूम हो कि बीते कुछ दिनों से शरद यादव की तबीयत खराब चल रही है, उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Sharad Yadav शरद यादव की फाइल फोटो

शरद यादव के सम्पर्क में जेडीयू के कई नेता

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शरद यादव की तबीयत का हालचाल पूछने के लिए जे़डीयू पार्टी के कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क किया है। इसी दौरान पार्टी के नेताओं ने उनसे पार्टी में वापसी की बात की है।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। एक तरफ भाजपा के नेता सितंबर के दूसरे हफ्ते से बिहार का दौरा करेंगे तो वहीं कांग्रेस भी 1-21 सितंबर बिहार के लिए वर्चुएल रैलियां करेंगी। इस बीच नीतीश कुमार के अपने पुराने साथी शरद यादव के साथ तार जोड़ने की कवायद तेज हो गई हैं।

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