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बिहार में जहरीली शराब से तबाही: सात लोगों की मौत, चारों तरफ मचा कोहराम

बिहार में शराब बेचने और पीने पर पाबंदी के बावजूद यहां लोग चोरीछिपे शराब बेच रहे हैं और पी रहे हैं। शराब माफिया अवैध रूप से जहरीली शराब बेच रहे हैं। इसकी वजह से लोगों की जान जा रही है।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 20 Feb 2021 2:41 PM GMT

बिहार में जहरीली शराब से तबाही: सात लोगों की मौत, चारों तरफ मचा कोहराम
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तेजस्वी यादव ने सीधे –सीधे नीतीश सरकार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से रामसूरत राय को बर्खास्त करने की मांग की।
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पटना: बिहार में जहरीली शराब ने तबाही मचाकर रख दी है। राज्य के मुजफ्फरपुर जिले में जहरीली शराब पीने की वजह से 5 लोगों की जान चली गई है। मृतकों के परिजनों ने शराब पीने की पुष्टि की है। मृतकों में चार दलित हैं।

इससे पहले गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 2 लोगों की मौत हुई थी, तो वहीं दो लोगों के आंखों की रोशनी जाने की खबर सामने आई थी। दोनों मृतकों के शव का बिना पोस्टमार्टम ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

स्थानीय स्तर पर धड़ल्ले से शराब बनाने का कार्य

बता दें कि बिहार में शराबबंदी लागू है, ऐसे वहां स्थानीय स्तर पर धड़ल्ले से शराब बनाने का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि इसके कारण ही लोगों की मौत हो रही है। मुजफ्फरपुर के डीएम और एसएसपी मामले की जांच में जुटे हैं।

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बिहार में शराब बेचने और पीने पर पाबंदी के बावजूद यहां लोग चोरीछिपे शराब बेच रहे हैं और पी रहे हैं। शराब माफिया अवैध रूप से जहरीली शराब बेच रहे हैं। इसकी वजह से लोगों की जान जा रही है। आरोप है कि शराब का अवैध कारोबार पुलिस और जिला प्रशासन की शह पर होता है।

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मध निषेध विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप

गौरतलब है कि बिहार पुलिस में पुलिस अधीक्षक (मध निषेध) राकेश कुमार सिन्हा ने जनवरी की शुरुआत में ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (रेलवे) को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि वह मध निषेध विभाग के अधिकारियों की चल और अचल संपत्ति की जांच करें।

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राकेश कुमार सिन्हा का आरोप था कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद भी मद्य निषेध विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पुलिस के शराब माफिया के साथ साठगांठ करके अवैध तरीके से शराब का अवैध धंधा चला रहे हैं।

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