लगा तगड़ा झटका: नहीं कम हो रहा चीन से तनाव, भारत ने उठाया ये बड़ा कदम

भारत और चीन के बीच सीमा पर लगातार तनाव जारी है। चीन ने पेंगोग त्सो लेक में हजारों सैनिक तैनात कर दिए हैं। वहीं, भारत ने भी चीन को जवाब देने के लिए सेना बढ़ा दी है। भारत सरकार चीन के साथ सीमा के अलावा आर्थिक मोर्चे पर जवाब देने के लिए कदम उठा रही है।

Published by suman Published: August 13, 2020 | 8:12 pm
Modified: August 13, 2020 | 8:21 pm
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तेल कंपनियों ने चीनी जहाजों और टैंकरों पर लगाई पाबंदी

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच सीमा पर लगातार तनाव जारी है। चीन ने पेंगोग त्सो लेक में हजारों सैनिक तैनात कर दिए हैं। वहीं, भारत ने भी चीन को जवाब देने के लिए सेना बढ़ा दी है। भारत सरकार चीन के साथ सीमा के अलावा आर्थिक मोर्चे पर जवाब देने के लिए कदम उठा रही है। पहले ही केंद्र सरकार ने 104 ऐप्स बैन और कई टेंडर रद्द कर दिए और चीन को बड़े झटके दिए हैं।

तेल टैंकरों की बुकिंग को बंद

अब  सरकार संचालित तेल कंपनियों ने चीनी कंपनियों द्वारा संचालित या उनके मालिकाना हक वाले तेल टैंकरों की बुकिंग को बंद करने का फैसला लिया है। चीन से खराब होते रिश्तों के बीच भारत की बड़ी तेल कंपनियों ने अपने कच्चे और पेट्रोलियम उत्पादों को लाने और ले जाने में चीन के जहाज और चीनी टैंकरों के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है।

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थर्ड पार्टी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट

भारतीय तेल कंपनियों का कहना है कि वे चीन के स्वामित्व वाले किसी भी ऑयल टैंकर या शिप का इस्तेमाल भारत में कच्चे तेल आयात करने या भारत से डीजल निर्यात करने के लिए नहीं करेंगे, भले ही उसे किसी थर्ड पार्टी ने ही रजिस्टर क्यों न किया हो। ऐसा करने वाली थर्ड पार्टी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

 

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चीनी जहाजों को बैन

भारतीय तेल कंपनियों ने फैसला किया है कि देश में तेल आयात और निर्यात करने के लिए लगने वाली बोली से चीनी जहाजों को बैन किया जाएगा। इन कंपनियों ने ओपेक देशों के साथ दुनियाभर के ऑयल ट्रेडर्स को साफ शब्दों में कह दिया है कि किसी भी चाइनीज जहाज से भारत तेल नहीं भेजा जाए। हालांकि, तेल कंपनियों के इस कदम से तेल के व्यापार पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि ऑयल टैंकर के बिजनेस में चीनी जहाजों की हिस्सेदारी न के बराबर है। लेकिन तेल कंपनियों के इस कदम से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में और खटास बढ़ेगी।

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इस फैसले से तेल कंपनियों के व्यापार पर कोई बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि ऐसे जहाजों में चीनी जहाजों की संख्या बहुत कम है। बता दें कि पिछले महीने भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने चीन के 59 मोबाइल एप्स प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद सरकार ने एक और आदेश जारी करते हुए 47 ऐप और प्रतिबंधित कर दिए थे, जो पहले के 59 ऐप्स के ही लाइट वर्जन थे। इस सूची में टिकटॉक, हेलो और शेयरइट जैसे  लोकप्रिय ऐप शामिल थे।

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