Education

आवेदक की उम्र 18 साल से ज्यादा न हो और 13 साल से कम न हो यानी 1 जून, 2001 से 31 मई, 2005 (दोनों तारीखें शामिल हैं) को पैदा हुए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समेत सभी वर्ग के छात्र आवेदन कर सकते हैं।

एयूडी से मिली जानकारी के अनुसार, सभी सीटों के लिए आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों मोड में किए जा सकते हैं। यह एयूडी के कर्मपुरा, कश्मीरी गेट व लोदी कॉलोनी कैंपस के लिए मान्य होंगे। ऑफलाइन आवेदन 21 मई से स्वीकार किए जाएंगे।

इंटर्नशिप अध्ययनरत छात्रों को बाहर के क्षेत्र का अनुभव कराता है। विधि छात्रों को कानून के साथ-साथ हर क्षेत्र की जानकारी अवश्य होनी चाहिये। विधि छात्रों को जीवनपरयन्त सीखने के पर्याप्त अवसर प्राप्त होते हैं, जिसका उपयोग छात्रों को अधिक से अधिक करना चाहिये।

स्टूडेंट्स उत्तर पुस्तिकाओं की रीचेकिंग के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। bsehexam.org पर स्टूडेंट्स ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा के परिणाम 2019 को शुक्रवार यानी आज घोषित किया जाएगा। एचबीएसई 10वीं के इस रिजल्ट को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की ऑफिशियल वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा।

गौरतलब है कि साइंस स्ट्रीम में 91.59 फीसदी लड़के और 95.86 फीसदी लड़कियों समेत कुल 92.88 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास किया है। वहीं कॉमर्स में 89.40 फीसदी लड़के और 95.31 फीसदी लड़कियों समेत कुल 91.46 फीसदी ने एग्जाम पास किया है।

साइंस में शहरग्राम के राधेश्याम साहा 89.9 फीसदी अंक और कॉमर्स में अमीषा कुमारी ने 93 फीसदी अंक हासिल कर टॉप किया है। बता दें कि साइंस में 57% और कॉमर्स में 70.4% पास हुए हैं।

हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की ऑफिशियल वेबसाइट www.bseh.org.in पर जाएं। पेज पर दिए गए Result सेक्शन पर क्लिक करें। haryana.indiaresults.com का पेज खुलने पर HBSE Class 12 Result संबंधी लिंक पर क्लिक करें। यहां अपना नाम, रोल नंबर आदि डालें। स्क्रिन पर रिजल्ट आ जाएगा।

बता दें कि पिछली बार साइंस में 86.60 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम मिलकार 87.78% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। बताते चलें कि पिछले साल राजस्थान बोर्ड 12वीं परीक्षा के लिए 8,26,278 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या को घटाकर इसके स्वरूप में बदलाव लाने और रटकर पढ़ने की प्रवृत्ति की बजाय छात्रों में रचनात्मक लेखन की प्रवृत्ति बढ़ाने पर विचार कर रहा है।