अमेजन को फ्लिपकार्ट की टक्कर,फूड रिटेल यूनिट बनाई

फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा है कि सरकार की एफडीआई नीति के तहत भारत में निर्मित व उत्पादित खाद्य पदार्थों में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। फ्लिपकार्ट इस बारे में सरकार से उचित लाइसेंस के लिए अप्लाई कर रहा है।

नई दिल्ली: ई-कामर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट ने अमेजन से मिल रही प्रतिस्पर्धा को देखते हुए फ्लिपकार्ट फार्मरमार्ट’ नामक नई कंपनी बनाने की घोषणा की है। ये कंपनी भारत में फूड रिटेल बिजनेस पर फोकस करेगी। फ्लिपकार्ट शुरुआत में दो हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी और आगे सप्लाई चेन, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स में जरूरत पडऩे पर और पैसा लगायेगी।

फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा है कि सरकार की एफडीआई नीति के तहत भारत में निर्मित व उत्पादित खाद्य पदार्थों में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। फ्लिपकार्ट इस बारे में सरकार से उचित लाइसेंस के लिए अप्लाई कर रहा है।

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अमेजन को 2017 में ही भारत में खाद्य पदार्थों की खुदरा बिक्री के लिये 500 मिलियन डालर निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। ‘अमेजन रिटेल इंडिया’ के जरिये अमेजन पैकेटबंद खाद्य पदार्थ आदि सामग्री बेचती है।

भारत में असंगठित खुदरा बाजार में खाद्य पदार्थों का सेगमेंट काफी बड़ा है। अनुमान है कि ये बाजार 200 अरब डालर का है। बीते कुछ वर्षों में बिग बास्केट और ग्रोफर्स ने ऑनलाइन किराना बाजार में पहना दायरा काफी बढ़ाया है। फ्लिपकार्ट और अमेजन इस सेगमेंट पर कब्जा जमाने की तैयारी में है। 2018-19 में ऑनलाइन किराना पदार्थ बाजार 2.7 बिलियन डालर का होने का अनुमान है।

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वालमार्ट के बिजनेस का बड़ा हिस्सा खाद्य पदार्थों का है

फूड सेगमेंट में फ्लिपकार्ट का इरादा अपनी पेरेंट कंपनी वालमार्ट की विशेषज्ञता को भुनाने का है। वालमार्ट के बिजनेस का बड़ा हिस्सा खाद्य पदार्थों का है और भारत में उसकी किसानों के साथ साझेदारी भी चल रही है।

ऑनलाइन किराना बाजार की बड़ी कंपनी ग्रोफर्स का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक एक अरब डालर का बिजनेस करने का है। कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर रीजन में 100 किराना दुकानों से करार किया है जिनके जरिये ग्रोफर्स अपने आइटम बेचेगा। कंपनी का इरादा इस साल के अंत तक एक हजार स्टोर्स के साथ करार करने का है।