करते हैं ऑनलाइन पेमेंट तो हो जाएं सावधान, खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

पीएम मोदी की पहल से देश भर के लोग कैशलेस बन रहें हैं। हर जगह लोग ऑनलाइन पेमेंट का रास्ता अपना रहें हैं।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की पहल से देश भर के लोग कैशलेस बन रहें हैं। हर जगह लोग ऑनलाइन पेमेंट का रास्ता अपना रहें हैं। डिजिटल माध्यम की उपलब्धता और सुविधा की वजह से इस माध्यम का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में काफी बढोतरी हुई है। अगर बात करें तो, साल 2016-17 में लगभग 1।5 मिलियन डिजिटल भुगतान करते थे।

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लेकिन अब साल 2019 में डिजिटल भुगतान मोड को स्वीकार करने वाले व्यापारियों की संख्या 10 मिलियन से अधिक हो गई है। आपको बता दें, नोटबंदी के बाद से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन काफी बढ़ गई है। ऐसे में आपको ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत है। अगर गलती से भी गलती हुई तो आपका अकाउंट हो जाएगा खाली।

अगर बचना हैं ऑनलाइन धोखाधड़ी से तो हम आपको बतातें हैं कुछ तरीके। हम आपको क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़ी कुछ खास जानकारी दे रहे हैं, जिसे जानकर आप सेफ खरीदारी और ई-पेमेंट कर सकते हैं।

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ऐसे करें आप सेफ ट्रांजेक्शन

1- हर कार्ड पर एक 3 अंक का CVV नंबर होता है। ये नंबर काफी खास होता है। कार्डधारक को ये पता होना चाहिए की इस नंबर को कभी भी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। CVV (Card Verification Value) का यूज किसी भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान किया जाता है। जब भी आप कोई सामान ऑनलाइन खरीदते हैं तब आपको अपने तीन अंकों वाले CVV का यूज करना होता है जिसके बाद ही आपकी ट्रांजेक्शन पूरी होती है।

2-वैसे तो आजकल सभी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर ऐसा ऑप्शन मौजूद है जिससे आप अपने कार्ड की डिटेल सेव कर सकते हैं। जिसके बाद आप कभी भी दोबारा उस वेबसाइट पर लॉग-इन करते हैं और कोई सामान खरीदते हैं तो आपको बस CVV डालना होता है और आपकी ट्रांजेक्शन पूरी हो जाती है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि आजकल हैकर्स ऐसे ही कार्ड्स को आसानी से हैक कर लेते हैं जिनकी डिटेल किसी वेबसाइट पर सेव होती है। जिस वेबसाइट पर डिटेल पहले से ही मौजूद होती है। उस वेबसाइट पर कार्ड नंबर, पासवर्ड और पिन कुछ भी नहीं डालना होता है। इसलिए हैकर्स इन्हें आसानी से हैक कर लेते हैं।

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3- जब आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं तब आपके सामने 2 ऑप्शन्स होते हैं। पहला ऑप्शन होता है सेव योर कार्ड और दूसरा ऑप्शन होता है जनरेट वन टाइम पासवर्ड (OTP)। आपको ट्रांजेक्शन करते समय हमेशा OTP का ही ऑप्शन चुनना चाहिए। इस ऑप्शन को क्लिक करने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चार अंकों का OTP भेजा जाता है। जिसका यूज करके आप अपनी ट्रांजेक्शन पूरी कर सकते हैं। OTP का ऑप्शन काफी सेफ होता है।