अमेरिका की चेतावनी के बाद टिकटॉक खरीदने के लिए सामने आई ये दिग्गज कम्पनी

भारत में बैन लगने के बाद वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टिकटॉक को धमकी दी है कि या तो वो 45 दिन के अंदर इसे यूएस ऑपरेशंस को बेच दे या फिर प्रतिबंध का सामना करे।

Published by Aditya Mishra Published: August 9, 2020 | 10:14 pm
Modified: August 9, 2020 | 10:17 pm
वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक की प्रतीकात्मक फोटो

वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक की प्रतीकात्मक फोटो

न्यूयॉर्क: भारत में बैन लगने के बाद वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टिकटॉक को धमकी दी है कि या तो वो 45 दिन के अंदर इसे यूएस ऑपरेशंस को बेच दे या फिर प्रतिबंध का सामना करे।

यूएस में प्रतिबंध और फिर यूएस ऑपरेशंस को माइक्रोसॉफ्ट को बेचने के लिए समय सीमा तय होने जैसे विवादों के बाद टिकटॉक को लेकर नई खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया बेस्ड कंपनी ट्विटर भी टिकटॉक खरीदने के लिए आगे आई है। वह उन कम्पनियों में शामिल हो गई है जो टिकटॉक खरीदना चाहती हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फ़ाइल फोटो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फ़ाइल फोटो

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2012 में ट्विटर ने ऐप वाइन का किया था अधिग्रहण

यह पहली बार नहीं है जब ट्विटर ने इस तरह के सौदे का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले 2012 में ट्विटर ने टिकटॉक जैसे ही ऐप वाइन का अधिग्रहण किया था, लेकिन 2016 में उसे बंद करना पड़ा था।

यहां बताते चलें कि कुछ हफ्ते पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया था। उनका कहना था कि यह ऐप चीनी खुफिया विभाग से अमेरिकियों की व्यक्तिगत जानकारी साझा कर देश के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने टिकटॉक खरीदने की पेशकश की है। हालांकि इस संभावित टेक-ओवर को लेकर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

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ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट और टिकटॉक की प्रतीकात्मक फोटो
ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट और टिकटॉक की प्रतीकात्मक फोटो

बता दे कि ट्विटर माइक्रोसॉफ्ट के मुकाबले में एक छोटी कंपनी है इसलिए ट्विटर को टिकटॉक की बोली लगाने के लिए अन्य निवेशकों की मदद की जरूरत होगी। हालांकि ऐसे मामले में ट्विटर को अपने आकार के कारण एक फायदा यह होगा कि उसे माइक्रोसॉफ्ट की तुलना में कम स्क्रूीटनी का सामना करना होगा।

यह खबर सामने आने के बाद से लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्विटर का रूपांतरण कैसे होगा। क्योंटकि इस ऐप में सीमित संख्या में कैरेक्टर टाइप होते हैं और इसमें अपलोड साइज भी कम है। वहीं टिकटॉक में छोटे मजेदार वीडियो डाले जाते हैं।

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