दही बनाम योगर्ट

“दही बनाम योगर्ट के बारे आमतौर पर लोगों को लगता है कि दोनों एक ही चीज हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ये दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं और इनका रंग भी एक जैसा ही है। लेकिन सच यह है कि दही और योगर्ट दोनों ही न सिर्फ अलग प्रोडक्ट बल्कि इन्हें बनाने की प्रकिया और इनके स्वास्थ्य लाभ भी अलग हैं।

लखनऊ: “दही बनाम योगर्ट के बारे आमतौर पर लोगों को लगता है कि दोनों एक ही चीज हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ये दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं और इनका रंग भी एक जैसा ही है। लेकिन सच यह है कि दही और योगर्ट दोनों ही न सिर्फ अलग प्रोडक्ट बल्कि इन्हें बनाने की प्रकिया और इनके स्वास्थ्य लाभ भी अलग हैं।

बनने की प्रक्रिया : दही बनाने के लिए आवश्यकतानुसार दूध को गुनगुना करके उसमें एक चम्मच दही या कुछ बूंदें नींबू का रस या सिरका मिलाकर लगभग छह-आठ घंटे के लिए ढक्कर छोड़ दिया जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल अक्सर घर में दही जमाने के लिए करती हैं।

 

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वहीं, योगर्ट  बनाने के लिए दूध के बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में कई तरह के योगर्ट उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे कॉमन ग्रीक योगर्ट है।

पोषक गुण : आसानी से घर में तैयार किया जाने वाला दही कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है और साथ ही विटामिन-बी2, विटामिन-बी12, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। साथ ही इसमें कोई इसमें किसी तरह के कैमिकल्स नहीं होते हैं।

वहीं, योगर्ट प्रोटीन, कैल्शियम और पोटेशियम का एक बेहतरीन स्रोत है। साथ ही यह कई विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है और इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है।

योगर्ट के फायदे

–         योगर्ट का सेवन करने से शरीर को प्रोटीन की एक अच्छी मात्रा मिलती है, जिससे मेटाबॉलिजम स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

–         इसके सेवन से पाचन को दुरुस्त बनाएं रखने में भी सहयोग मिलता है, जिससे कई पेट संबंधी समस्याओं से शरीर बचा रहता है।

–         कई अध्ययनों पर गौर फरमाएं तो योगर्ट वजन को नियंत्रित करने के साथ-साथ शरीर में जम रहे अतिरिक्त फैट से भी छुटकारा दिलाता है।

 

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दही के फायदे

–         दही को प्राकृतिक तरीके से तैयार किया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव यह पड़ता है कि इसके सेवन से पाचन को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।दही कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है जो शरीर को अधिक कोर्टिसोल पंप करने से रोकता है। कोर्टिसोल से तनाव बढ़ता है। हार्मोन में होने वाले असंतुलन को कोर्टिसोल की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे उच्च रक्तचाप, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

दही और योगर्ट में क्या है बेहतर

दही प्राकृतिक रूप से तैयार किया जाता है, जिस वजह से यह प्रोबायोटिक नहीं होता है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो दही का सेवन आपके लिए अच्छा विकल्प नहीं है। वहीं, योगर्ट प्रोबायोटिक होता है। प्रोबायोटिक वजन कम करने में काफी मदद करता है। लेकिन वजन कम करने वाले हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि सादा योगर्ट का सेवन उनके लिए उचित है।

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