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कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा विजेता: 9 महीने के संक्रमित बच्चे ने 6 दिनों में जीती जंग

भारत में एक नौ महीने का बच्चा कोरोना के खिलाफ जंग में विजेता बन गया है। इस बच्चे ने सिर्फ 6 दिनों में कोरोना वायरस को हराकर जीत हासिल की।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 23 April 2020 11:48 AM GMT

कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा विजेता: 9 महीने के संक्रमित बच्चे ने 6 दिनों में जीती जंग
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देहरादून: दुनियाभर में कोरोना वायरस से लोगों की जंग जारी है लेकिन भारत में एक नौ महीने का बच्चा कोरोना के खिलाफ जंग में विजेता बन गया है। इस बच्चे ने सिर्फ 6 दिनों में कोरोना वायरस को हराकर जीत हासिल की। बता दें कि ये पहला मामला है, जब कोई कोरोना संक्रमित मरीज सबसे कम समय में स्वस्थ हुआ हो। गौरतलब है कि इसके पहले एक ट्रेनी आईएफएस सात दिन में कोरोना से ठीक हुआ था।

9 महीने का कोरोना पॉजिटिव बच्चा 6 दिन में ठीक

दरअसल, उत्तराखंड के देहरादून में एक नौ नहीं के बच्चा कोरोना से संक्रमित हो गया था। जिसे राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चे का इलाज शुरू हुआ और वह 6 दिनों में स्वस्थ हो गया। इस बारे में अस्पताल के डिप्टी एमएस और कोरोना के स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि बच्चे की दो रिपोर्ट लगातार निगेटिव आई हैं, ऐसे में बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

जमात से लौटे पिता से संक्रमित होने के बाद दून अस्पताल में हुआ इलाज

इस बच्चे में संक्रमण पहुँचने को लेकर बताया गया कि ये देहरादून के भगत सिंह कॉलोनी का रहने वाला है। बच्चे के पिता निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लौटने के बाद जाँच में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए। ऐसे में बच्चा भी संक्रमित हो गया।

मासूम की तबियत बिगड़ने पर उसे 17 अप्रैल को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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मां की रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी बच्चे के साथ अस्पताल में एडमिट

माँ को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। बाद में उनकी दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आई, जिसके बाद मानवीय आधार पर माँ को बच्चे के साथ अस्पताल में एडमिट किया गया। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें पीपीई किट भी उपलब्ध कराया।

इलाज के दौरान पीता रहा मां का दूध, बड़ी कोरोना से लड़ने की क्षमता

कोरोना के नोडल अफसर और सांस रोग विभाग के एचओडी पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इलाज के दौरान बच्चा मां का दूध पीता रहा। उन्होंने बताया कि मां के दूध में संक्रमण से लड़ने की बहुत क्षमता होती है। संभवत बच्चे के जल्द ठीक होने का एक कारण यह भी हो सकता है।

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