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शाहीन बाग लंगर पड़ा भारी: ऐसे हुए बर्बाद कि बिक गया पूरा मकान

दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में करीब 2 महीने से नागरिकता संशोधन कानूम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शाहीन बाग इलाके में हो रहे रहे इस प्रदर्शन हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है।

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ShreyaBy Shreya

Published on 11 Feb 2020 7:10 AM GMT

शाहीन बाग लंगर पड़ा भारी: ऐसे हुए बर्बाद कि बिक गया पूरा मकान
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नई दिल्ली: दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में करीब 2 महीने से नागरिकता संशोधन कानूम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शाहीन बाग इलाके में हो रहे रहे इस प्रदर्शन हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। जहां एक ओर राजनीतिक पार्टियों की बयानबाजी से शाहीन बाग का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहा तो वहीं शाहीन बाग ने प्रदर्शन के अलावा भी कई अन्य वजह से सुर्खियां बटोरीं, जिनमें से एक मुद्दा था बिरयानी। जी हां, शाहीन बाग की बिरयानी ने इतनी सुर्खियां बटोरी हैं कि अब यह वर्ल्ड फेमस हो चुकी है।

15 दिसंबर से लगातार जारी है विरोध प्रदर्शन

यहां पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ पिछले 15 दिसंबर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है और तभी से ही लगातार धरने पर बैठे लोगों के लिए लंगर चल रहा है। एक समुदाय के लोग यहां पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के लिए हर रोज खाने की व्यवस्था करते हैं। इनमें से ही एक शख्स हैं वकील डीएस बिंद्रा। इन्होंने लोगों के लिए खानी व्यवस्था करने के लिए अपना फ्लैट तक बेच दिया।

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लंगर के लिए बेचना पड़ा अपना फ्लैट

एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंगर का इंतजाम करने वाले वकील डीएस बिंद्रा का कहना है कि, उनकी कोशिश है कि धरने पर बैठे लोगों के लिए खाने की व्यवस्था बनी रहे। डीएस बिंद्रा ने उस वक्त सुर्खियां बटोरीं, जब उन्होंने लंगर के लिए अपना एक फ्लैट तक बेचने का फैसला कर लिया। डीएस बिंद्रा ने कहा कि, मैंने यहां के लोगों की सेवा के लिए लंगर शुरु किया था। इसके लिए जब मुझे पैसे की जरुरत पड़ी तो मैंने अपने तीन फ्लैट्स में से एक फ्लैट बेचने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि मेरे बच्चों ने मुझे आइडिया दिया कि गुरुद्वारों में दान देने के साथ-साथ मैं ऐसे कामों के लिए भी आगे आऊं।

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इनकम टैक्स विभाग को हो रही हैरानी

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि इनकम टैक्स विभाग इस बात से हैरान है कि मैं इस लंगर के लिए पैसों का इंतजाम कहां से कर रहा हूं। लेकिन मेंरे पास पेपर्स हैं, जिनमें फ्लैट बेचने की तारीख और कीमत लिखी हुई है। बता दें कि वकील डीएस बिंद्रा ने शाहीन बाग के अलावा भी कई जगह लंगर की व्यवस्था कर चुके हैं। उन्होंने शाहीन बाग के अलावा दिल्ली के मुस्तफाबाद और खुरेजी में भी लंगर की व्यवस्था की थी। डीएस बिंद्रा ने बताया कि इन दोनों जगहों पर भी उन्होंने करीब पांच दिनों तक लंगर का खर्च उठाया था।

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सदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के हैं समर्थक?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियोज वायरल हो रहे हैं, जिनमें ये कहा जा रहा है कि डीएस बिंद्रा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को सपोर्ट कर रहे हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैं किसी पार्टी का समर्थक नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मैं यहां पर शाहीन बाग लोगों की सेवा करने आया हूं ना कि किसी पार्टी को सपोर्ट करने।

सोशल मीडिया पर बटोर रहे तारीफ

वहीं वकील डीएस बिंद्रा के इस कदम की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है। डीएस बिंद्रा एडवोकेट है और उनकी एक बेटी और एक बेटा है। डीएस बिंद्रा के अलावा पंजाब से आए कई लोगों ने भी शाहीन बाग में लंगर की व्यवस्था की है।

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