इस बैंक का अस्तित्व खत्म: सरकार का बड़ा फैसला, जानें ग्राहकों पर क्या होगा असर

बैंक के विलय होने के बाद लक्ष्मी विलास बैंक के ग्राहकों और कर्मचारियों को लेकर कई सवाल उठ रहे है। इन सवालों का जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया है कि इस लक्ष्मी विलास बैंक के 20 लाख ग्राहक अपने खातों को डीबीएस बैंक इंडिया के ग्राहकों के तौर पर ऑपरेट कर सकेंगे। इसके लिए ग्राहकों किसी भी तरह की चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है।

Published by Chitra Singh Published: November 27, 2020 | 11:29 am
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इस बैंक का अस्तित्व खत्म: सरकार का बड़ा फैसला, जानें ग्राहकों पर क्या होगा असर (photo- social media)

नई दिल्ली: आरबीआई द्वारा लगाए  गये पाबंदियों के बाद 94 साल पूराना लक्ष्मी विलास बैंक का अस्तित्व आज पूरे तरह से मिट जाएगा। 17 नवम्बर को इस बैंक को एक महीने के लिए मोरेटोरियम  लगा दिया गया था, लेकिन बैंक की स्थिति खराब होने के कारण इस बैंक को डीबीएस बैंक के साथ मर्ज कर दिया गया है। डीबीएस बैंक के साथ मर्ज होने के बाद आज यानी 27 नवंबर को लक्ष्मी विलास बैंक का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।  बता दें कि 2020 में आरबीआई ने दूसरी बार किसी बैंक को संकट से उभारने के लिए किसी विदेशी बैंक के साथ विलय किया है। इस पहले 2020 के शुरूआती दौर में यस बैंक को डूबने से बचाया था।

एलवीबी के ग्राहकों और कर्मतारियों को सरकार ने दी राहत

बैंक के विलय होने के बाद लक्ष्मी विलास बैंक के ग्राहकों और कर्मचारियों को लेकर कई सवाल उठ रहे है। इन सवालों का जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया है कि इस लक्ष्मी विलास बैंक के 20 लाख ग्राहक अपने खातों को डीबीएस बैंक इंडिया के ग्राहकों के तौर पर ऑपरेट कर सकेंगे। इसके लिए ग्राहकों किसी भी तरह की चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। वह शुक्रवार से ही डीबीएस बैंक इंडिया ग्राहक के तौर पर बैंक अपना लेन-देन का काम कर सकते है।

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अब से लक्ष्मी विलास बैंक का नाम बदला

वहीं डीबीएस बैंक के साथ विलय होने के बाद लक्ष्मी विलास बैंक का नाम बदल जाएगा। विलय नियम के अनुसार, 27 नवंबर से लक्ष्मी विलास बैंक के सभी शेयर एक्सचेंज हर जगह से हटा दिये जाएगें। इस बैंक के जितने भी ब्रांच है, सबके नाम बदलकर डीबीएस इंडिया बैंक कर दिया जाएगा। बता दें कि लक्ष्मी बैंक के जितने भी डिपॉजिट थे, वह सब डीबीएस इंडिया को ट्रांसफर कर दिया गया है।

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इतने ग्राहकों और कर्मचारियों को बचाने के लिए सरकार ने उठाया यह कदम

बता दें कि लक्ष्मी विलास बैंक के 20 लाख ग्राहकों और चार हजार कर्मचारियों को बचाने के लिए सरकार ने पहली बार किसी भारतीय बैंक को विदेशी बैंक के साथ मर्ज करने का फैसला लिया है। वहीं लक्ष्मी विलास बैंक पर रकम को लेकर जो पांबदियां लगी हुई थी, डीबीएस बैंक के साथ विलय होने के बाद यह पाबंदी भी हटा दी गई है। अब  लक्ष्मी विलास बैंक के खाताधारक बैंक से 25 हजार से ज्यादा रकम निकाल सकते हैं।

 

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