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क्या है एंटीलिया केस, कैसे जुड़ा सचिन वाजे का नाम, जानें क्यों हिल गई उद्धव सरकार

एंटीलिया केस की आंच जहां महाराष्ट्र सरकार तक पहुंच गई है, वहीं इस मामले के बारे जानने की उत्सुकता लोगों में काफी बढ़ गई है। एंटीलिया उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर का नाम है।

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Updated on: 2021-04-06T19:59:45+05:30
क्या है एंटीलिया केस, कैसे जुड़ा सचिन वाजे का नाम, जानें क्यों हिल गई उद्धव सरकार
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फोटो— सोशल मीडिया
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मुंबई। एंटीलिया केस की आंच जहां महाराष्ट्र सरकार तक पहुंच गई है, वहीं इस मामले के बारे जानने की उत्सुकता लोगों में काफी बढ़ गई है। एंटीलिया उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर का नाम है। 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक भरी कार बरामद हुई थी, जिसमें 20 जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा नोट मिला था।

इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। जांच एनआईए को मिलने के बाद से ही इस मामले की जहां परते खुलती जा रही हैं, वहीं मुंबई पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार इस मामले में बेनकाब होती नजर आ रही है। क्योंकि अब तक हुए खुलासे से यह साफ हो गया है कि इस गहरी साजिश में कोई और नहीं ​बल्कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई पुलिस शामिल है।

5 अप्रैल:अनिल देशमुख का गृह मंत्री पद से इस्तीफा

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों के बाद सवालों के घेरे में आए अनिल देशमुख ने सोमवार को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। परमबीर सिंह ने सौ करोड़ वसूली का आरोप लगाया था। परमबीर सिंह का आरोप है कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को 100 करोड़ वसूली का आदेश दिया था।

5 अप्रैल:सीबीआई जांच के आदेश

हाईकोर्ट ने पांच अप्रैल को ही अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा है। परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख के खिलाफ हाईकोर्ट में सौ करोड़ रुपए वसूली की याचिका दायर की थी।

3 अप्रैल: सचिन वाजे से जुड़ी मिली नई मर्सिडीज

अब एनआईए ने सचिन वाजे से संबंधित सफेद रंग की नई मर्सिडीज कार बरामद की है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर MH 46 X 3420 है। जांच की जा रही है कि कार का सचिन वाजे और मनसुख हिरेन की मौत से कोई संबंध है या नहीं। एनआईए ने अब तक इस केस में आधा दर्जन से अधिक वाहनों को जब्त किया है, जिसका कथित तौर पर वाजे ने इस्तेमाल किया है।

2 अप्रैल: वाजे की मिस्ट्री गर्ल मीना जॉर्ज हुई गिरफ्तार

-एनआईए की जांच में सचिन वाजे की मिस्ट्री गर्ल मीना जॉर्ज की एंट्री हुई है जिससे लगातार जांच एजेंसी पूछताछ कर रही है। मीना को दो अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था मीना जॉर्ज ही सचिन वाजे के साथ मुंबई के ट्राइडेंट होटल में नजर आई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सचिन वाजे और मीना जॉर्ज का ज्वाइंट खाता और लॉकर भी है। एनआईए के मुताबिक, मीना पैसे गिनने वाली मशीन लेकर घूमती थी और वो ट्राइडेंट होटल में वाजे से मिलने के लिए जाती थी। मीना ने ही बैंक से २६ लाख रुपए निकाले थे।

31 मार्च: सचिन वाजे ने ही खरीदीं थी जिलेटिन छड़ें

मुकेश अबानी के घर के बाहर गाड़ी से बरामद जिलेटिन की छड़ें सचिन वाजे ने ही खरीदी थी। जांच में पता चला है कि बरामद की गई छडे़ं नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज कंपनी द्वारा बनाई गई थीं। अब तक मामले से साफ नहीं हो पाया है कि ये छड़ें वाजे से कहां से और कब खरीदी थी।

28 मार्च: मीठी नदी में मिली ये सभी चीजें

मामले की जांच कर रही एनआईए की टीम सचिन वाजे को मुंबई की मीठी नदी क्षेत्र में लेकर गई। इसके बाद सचिन वाजे के खुलासे पर नदी से सीसीटीवी फुटेज के डीवीआर, कंप्यूटर और सीपीयू, लैपटॉप, प्रिंटर, गाड़ी के नंबर प्लेटस जैसी चीजें बरामद हुईं।

23 मार्च: होटल में फेक आईडी इस्तेमाल का खुलासा

एनआईए ने जब उस फाइव स्टार होटल की तलाशी ली, जहां पर सचिन वाजे गिरफ्तारी से पहले ठहरा हुआ था। इस दौरान खुलासा हुआ कि वाजे फेक आधार कार्ड का इस्तेमाल कर होटल में बुकिंग की थी। इस पर एक फर्जी नाम के साथ उनकी फोटो लगी हुई थी।

ऐसे हुआ खुलासा

एंटीलिया केस में उस समय नया मोड़ आ गया जब विस्फोटक लदी स्कॉर्पियों के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मनसुख का शव ठाणे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद इस मामले में गहरी साजिश की बात सामने आने लगी। मामले की जांच कर रही एनआईए और एटीएस भी काफी सतर्क हो गई। जांच में एनआईए को पता चला कि एंटीलिया केस का मासटरमाइंड कोई और नहीं मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सचिन वझे हैं। जिन्हें एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया और इसी के बाद से इस केस की परतें खुलती चली गईं। जांच में पता चला कि निलंबित पुलिस अफसर और स्कॉर्पियो मालिक मनसुख हिरेन के बीच मुलाकात हुई थी।

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ओला कैब के ड्राइवर ने खोले राज

स्कार्पियो गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या की जांच कर रही एनआईए को ओला कार के ड्राइवर ने बताया कि मनसुख को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक पहुंचने के दौरान मनसुख के पांच फोन कॉल आई थीं। ड्राइवर के मुताबिक मनसुख को कॉल करने वाले ने पहले उन्हें पुलिस मुख्यालय के सामने स्थित रूपम शोरूम के बाहर बुलाया और आखिरी फोन में उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के सिग्नल पर आने को कहा। मामले की जांच कर रही एजेंसियों ने इन सीसीटीवी फुटेज को प्रिजर्व करने के लिए लार्सन एंड टुब्रो (L&T) से संपर्क किया है। बता दें कि मुंबई में ट्रैफिक चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के संचालन का काम एल एंड टी ही करती है।

Antilia case

खुलासे के एकदम करीब एनआईए

एनआईए को जांच में पता चला कि एंटीलिया यानी मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक भरी कार पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने ही खड़ी की थी। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के कुर्ता पहना हुआ था। मुंह को गमछे से ढका था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एनआईए ने खुलासा करते हुए सचिन वाजे को मुकेश अंबानी के घर के बाहर ले जाकर सीन का रिक्रिएशन किया है। इस दौरान वझे के सिर पर साफा बांधा गया। डमी के तौर पर स्कॉर्पियो और इनोवा को भी मौके पर लाया गया। सीन रिक्रिएशन के दौरान मीडिया और आम लोगों को आने—जाने से रोकने के लिए एंटीलिया के आस—पास बैरिकेडिंग कर दी गई थी।

परमबीर सिंह के लेटर के बाद आया भूचाल

इस पूरे मामले में बीजेपी शुरू से ही महाराष्ट्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रही थी। लेकिन मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की तरफ से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र के बाद महाराष्ट्र में सियासी उबाल आ गया है। परमबीर सिंह ने लेटर के माध्यम से एंटीलिया केस में उठ रहे सवालों की कड़ियों को जोड़ दिया है। इससे महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख न सिर्फ बेनकाब हुए हैं बल्कि उद्धव सरकार की विश्वसनीयता भी संकट में आ गई है। महीने के सौ करोड़ रुपए की वसूली के आरोपों ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस दोनों का कठघरे में खड़ा कर दिया है।

अनिल देशमुख एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के काफी करीबी माने जाते हैं। महाराष्ट्र सरकार में उनका अपना वर्चस्व है, यही वजह है इतने गंभीर आरोपों के बावजूद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि एनसीपी प्रमुख मीडिया से मुखतिब होते कहा था कि गृह मंत्री के इस्तीफे पर महाराष्ट्र सरकार विचार करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अभी आरोप लगे हैं, साबित नहीं हुए हैं।


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