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अंबानी का दुश्मन कौन: आतंकी, मुंबई पुलिस या महाराष्ट्र सरकार? पढ़ें ये रिपोर्ट

एक महीने बाद भी एंटीलिया मामले में असली दोषी का पता नहीं चल सका है। हालंकि आरोपियों के चेहरे जरूर बदल गए। आतंकियों से जुड़ा मामला मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे से जुड़ा तो अब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अनिल देशमुख तक पहुँच गया।

Shivani
Updated on: 21 March 2021 11:26 AM GMT
अंबानी का दुश्मन कौन: आतंकी, मुंबई पुलिस या महाराष्ट्र सरकार? पढ़ें ये रिपोर्ट
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मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गयी है। रिलांयस के मालिक अनिल अम्बानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर संदिग्ध गाड़ी में जिलेटिन की छड़ें मिलने के बाद जहां शुरूआती तौर पर इसे आतंकियों से जोड़ा गया तो वहीं एक महीने बाद भी मामले में असली दोषी का पता नहीं चल सका है। हालंकि आरोपियों के चेहरे जरूर बदल गए। आतंकियों से जुड़ा मामला एनआईए की जांच के बाद मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे से जुड़ा तो अब वहीं महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख तक पहुँच गया।

एंटीलिया केस का शुरुआती कनेक्शन आतंकियों से

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर बीती 25 फरवरी को संदिग्ध कार बरामद हुई थी। इस कार में 20 जिलेटिन की छड़ें रखी गई थीं। मामले में मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और एटीएस जांच में जुट गयी।

चिट्ठी में अंबानी को धमकी

आरोपियों की तलाश में लगी पुलिस को संदिग्ध गाड़ी से चिट्ठी मिली, जिसमे अम्बानी को धमकी दी गयी थीं। चिट्ठी में लिखा था, ‘ये तो सिर्फ एक ट्रेलर है। नीता भाभी, मुकेश भैया, ये तो सिर्फ एक झलक है। अगली बार सामान पूरा होकर तुम्हारे पास आएगा और पूरा इंतजाम हो गया है।

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मुंबई इंडियंस का बैग मिला था

जो स्कॉर्पियो कार मिली है उसकी सीट पर मुंबई इंडियंस का बैग रखा था। मुंबई इंडियंस आईपीएल की क्रिकेट टीम है, जिसके मालिक मुकेश अंबानी ही हैं। सीसीटीवी खंगाली गई तो पता चला कि एंटीलिया के बाहर स्कार्पियो को पार्क कर एक शख्स पास में ही खड़ी इनोवा कार में बैठकर चला गया।

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जैश उल हिन्द का आया नामः

जांच के दौरान मामले में आतंकी कनेक्शन की आशंका जताई गई। जैश उल हिन्द आतंकी संगठन का नाम भी सामने आया। बता दें कि जैश उल हिन्द वही संगठन है, जिसने इसके पहले दिल्ली स्थित इजरायल दूतावास के बाहर हुए धमाके की जिम्मेदारी ली थी। इस तरह की रिपोर्ट आईं कि जैश उल हिन्द संगठन ने इस मामले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि बाद में आतंकी संगठन ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ मोदी से है।

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स्काॅर्पियो मालिक की मौत

पुलिस को 5 मार्च को संदिग्ध स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की लाश ठाणे की खाड़ी (नाले) के पास पानी में डूबी मिली। शुरुआती जांच में माना गया कि मनसुख ने आत्महत्या की है, लेकिन उनके मुंह से मिले 5 रुमालों के बाद अब ये माना जा रहा है कि संभवतः उनकी हत्या की गई। मुंबई के विकरोली इलाके से मनसुख की गाड़ी चोरी हुई थी, जिसके बाद अचानक उनकी मौत होने से कई सवाल उठे। फ़िलहाल मनसुख हिरेन की मौत की जांच एनआईए कर रहा है। वहीं मामले में जांच टीम ने आज दो लोगों की गिरफ्तारी की है।

mansukh hiren

इनोवा से खुले कई राज

जिस इनोवा गाडी से संदिग्ध भागा था, उसकी जांच शुरू हुई तो तार जुड़े मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे से। एनआईए ने देर रात तक सचिन वाजे से पूछताछ की और अगले दिन 14 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सचिन वाजे को 15 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।

अंबानी के एंटीलिया केस में फंस गई मुंबई पुलिस

पुलिस अधिकारी सचिन वाजे पर एनआईए ने शिकंजा कसा तो मुंबई पुलिस ही लपेटे में आ गयी। सचिन वाजे के पुराने कच्चे चिट्ठे खुलने लगे। सचिन वाजे मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट थे। मार्च मार्च को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, एनआईए ने सचिन से 12 घंटे पूछताछ की, जिसमे कई पुलिसकर्मियों का नाम सामने आया। एनआईए की पुछताछ के दौरान सचिन वाजे ने बताया, “मैं इस साजिश का बस एक मोहरा हूं। ”

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17 मार्च को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को हटा दिया गया है। उनकी जगह हेमंत नगराले को मुबंई पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। जबकि परमबीर सिंह को होमगार्ड विभाग में भेज दिया गया है।

उद्धव सरकार तक एंटीलिया केस की आंच

महाराष्ट्र सरकार ने मुम्बई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को पद से हटा कर होम गार्ड महकमे में भेज दिया तो इसके दो दिन बाद यानी 20 मार्च को उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव को पत्र भेजकर गृहमंत्री अनिल देशमुख पर बड़ा आरोप लगा दिया।

NCP Chief Sharad Pawar PC Anil Deshmukh Parambir Singh letter Sachin waze Controversy

परमबीर सिंह के 100 करोड़ रुपये वाले पत्र से अनिल देशमुख फंसे

पूर्व पुलिस कमिश्नर के पत्र में दावा किया गया कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। इसके अलावा देशमुख पुलिसकर्मियों को घर बुलाकर मामलों की जांच विशेष दिशा में ले जाने को कहते थे।

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अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग

परमबीर सिंह के आरोपों के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख की न सिर्फ कुर्सी खतरे में आ गई ​बल्कि उनके राजनीतिक कॅरियर पर भी संकट के बादल छा गए हैं। हालांकि अनिल देशमुख की वजह से उद्धव सरकार की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आज प्रदर्शन किया।

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वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि अनिल देशमुख के इस्तीफे पर फैसला महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे लेंगे। हालांकि उन्होने स्पष्ट कर दिया कि इस फैसले से महाराष्ट्र की सरकार पर कोई खतरा नहीं है।

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