भरी संसद में ओवैसी की हरकत: मचा हंगामा, फाड़ के रख दी नागरिकता संशोधन बिल…

दरअसल, हैदराबाद से AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को हिटलर से भी बदतर कानून बताते हुए विधेयक की कॉपी को फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि ये बिल देश को तोड़ने वाला है।

नई दिल्ली: जहां सोमवार को एक तरफ संसद में नागरिक संशोधन बिल को लेकर गृहमंत्री अमित शाह विपक्षियों के तर्क का कड़े रूख में जवाब दिया। वहीं संसद में एक ऐसा भी दृश्य देखने को मिला जिसे संसद के अपमान के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, हैदराबाद से AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को हिटलर से भी बदतर कानून बताते हुए विधेयक की कॉपी को फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि ये बिल देश को तोड़ने वाला है।

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बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी ही फाड़ दी। इस पर भारी हंगामे के बाद स्पीकर की चेयर पर मौजूद रमा देवी ने उनकी इस हरकत को कार्यवाही से बाहर निकालने का आदेश दिया।

ओवैसी ने बिल का तीखा विरोध करते हुए कहा कि हमने जिन्ना की बात को नकारा और मौलाना आजाद की बात के साथ चले, उन्होंने कहा था कि हमारा हिंदुस्तान से 1000 साल का संबंध है। आखिर सरकार को मुस्लिमों से इतनी समस्या क्यों है।

मैं इस बिल के खिलाफ खड़ा हूं: ओवैसी

ओवैसी ने कहा, ‘मैं इस बिल के खिलाफ खड़ा हूं। हमने जब यह संविधान बनाया था, तब से अब तक कितनी गिरावट हो चुकी है। राजेंद्र प्रसाद ने संविधान की प्रस्तावना को भगवान या खुदा का नाम लिखने का विरोध किया था।’ ओवैसी ने कहा कि आखिर हमारा गुनाह क्या यही है कि हम मुसलमान हैं। आप मुस्लिमों को स्टेटलेस बना रहे हैं। यह एक और विभाजन होने जा रहा है।

गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल 2019 पेश किया, उन्होंने विपक्ष के ऐतराजों का जवाब देते हुए कहा कि इस बिल से किसी के भी अधिकार का हनन नहीं हो रहा है, किसी के साथ भी अन्याय नहीं हो रहा है|

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 1947 में जो भी रिफ्यूजी भारत आए उनको संविधान ने स्वीकार किया, गृह मंत्री ने कहा कि मनमोहन सिंह और लालकृष्ण आडवाणी उसी कैटेगरी में आते हैं जो बाहर से आए हैं, उनको नागरिकता दी गई| वे बड़े-बड़े पदों पर पहुंचे| मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने| देश का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जहां पश्चिम और पूर्वी पाकिस्तान के शरणार्थी नहीं बसते। वहीं, अब ओवैसी द्वारा इस बिल के फाड़ने से अब हंगामा मचा हुआ है।