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शहाबुद्दीन हुआ आजाद! कोर्ट का बड़ा फैसला, अब खुली हवा में सांस लेगा बाहुबली

न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ ने पैरोल में इन शर्तों को भी शामिल किया है कि याचिककर्ता इस दौरान अपनी मां, पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के अलावा किसी से भी मुलाकात नहीं कर सकेगा।

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SumanBy Suman

Published on 3 Dec 2020 4:21 AM GMT

शहाबुद्दीन हुआ आजाद! कोर्ट का बड़ा फैसला, अब खुली हवा में सांस लेगा बाहुबली
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पीठ ने कहा, शहाबुद्दीन तीस दिन के भीतर इच्छानुसार कोई भी तीन तारीख चुन सकते है और उसे सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच छह घंटे के लिए मुलाकात करने की अनुमति होगी।
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नई दिल्ली: तिहाड़ जेल में बंद राजद के बाहुबली नेता रहे पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है। बाहुबली नेता को बिहार के सीवान जिले में दो भाइयों की तेजाब डालकर कर हत्या के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है। बिहार के बाहुबली और पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन को दिल्ली हाईकोर्ट ने पैरोल की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शहाबुद्दीन को छह घंटे की सशर्त कस्टडी पैरोल की अनुमति दी है।

छह-छह घंटे की कस्टडी पैरोल

न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ ने किसी भी तीन दिन में छह-छह घंटे की कस्टडी पैरोल की अनुमति देते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ये स्पष्ट किया गया है कि कस्टडी पैरोल के लिए शहाबुद्​दीन को मुलाकात के लिए दिल्ली में ही एक स्थान की जानकारी पहले ही जेल अधीक्षक को देनी होगी। न्यायमूर्ति एजे भंभानी की पीठ ने पैरोल में इन शर्तों को भी शामिल किया है कि याचिककर्ता इस दौरान अपनी मां, पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के अलावा किसी से भी मुलाकात नहीं कर सकेगा।

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आजीवन कारावास की सजा

बता दें कि शहाबुद्दीन फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे शहाबुद्दीन ने सीवान जाने के लिए 19 सितंबर को पिता की मौत होने और मां के बीमार होने के आधार पर कस्टडी पैरोल की मांग की थी। शहाबुद्दीन अपनी मां के अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए कहा था कि वह उनके साथ समय बिताना चाहते है।

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पीठ ने कहा, शहाबुद्दीन तीस दिन के भीतर इच्छानुसार कोई भी तीन तारीख चुन सकते है और उसे सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच छह घंटे के लिए मुलाकात करने की अनुमति होगी।सीवान में दो भाइयों को तेजाब से नहला कर निर्मम हत्‍या के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन पर हत्‍या व अपहरण सहित दर्जनों संगीन मामलों में मुकदमा दर्ज है।

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