वीरता पुरस्कार की घोषणा: इन 6 वीरों को मिलेगा अदम्य साहस के लिए शौर्य चक्र

71वें गणतंत्र दिवस पर सैन्यकर्मियों को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को हो गई है। वाइस आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एस के सैनी सहित 19 उच्च अधिकारियों को परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा जाएगा।  इस साल 6 सैनिकों को उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया जाएगा।

Published by suman Published: January 25, 2020 | 10:40 pm
Modified: January 26, 2020 | 4:57 am

नई दिल्ली 71वें गणतंत्र दिवस पर सैन्यकर्मियों को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को हो गई है। वाइस आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एस के सैनी सहित 19 उच्च अधिकारियों को परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा जाएगा।  इस साल 6 सैनिकों को उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुल 151 सेना पदक और आठ युद्ध सेवा पदक दिए जाने की भी घोषणा की गई है। जाट रेजिमेंट के नायब सुबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। उनके अतिरिक्त लेफ्टिनेंट कर्नल ज्योति लामा, मेजर के बी सिंह, नायब सुबेदार एन सिंह, नायक एस कुमार और सिपाही के ओरांव को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा रहा है। इनमें 6 को शौर्य चक्र दिया जाएगा, इनमें जुलाई 2019 में जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकी को ढेर करने में शहीद हुए नायब सूबेदार सोमबीर भी शामिल हैं। इनके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल ज्योति लामा, मेजर के. बिजेन्द्र सिंह, नायब सूबेदार नरेंदर सिंह, नायक नरेश कुमार और सिपाही कर्मदेव ओरांव के नाम भी हैं।

 

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लेफ्टिनेंट कर्नल ज्योति लामा
11 गोरखा राइफल्स के इस अफसर ने मणिपुर में 14 आतंकियों को पकड़ा था। पिछले साल 23 जुलाई को उन्हें दो आतंकियों के एक गांव में छुपे होने की जानकारी मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर वे अपनी टीम के साथ उन्हें पकड़ने पहुंचे। दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी गोलीबारी में उन्होंने दोनों को मार डाला।
नायब सूबेदार सोमबीर सिंह 
राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात सोमबीर सिंह 22 फरवरी 2019 को तीन आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे।

मेजर कॉनजेंगबम बिजेंद्र सिंह
असम राइफल्स में तैनाती के दौरान मेजर कॉनजेंगबम बिजेंद्र सिंह ने कई आतंकी अभियानों में हिस्सा लिया। लेकिन पिछले साल 22 मार्च को उन्होंने अपने साथियों की आतंकी हमले में जान बचाई, बल्कि इस दौरान दो को खत्म भी किया।

नायब सूबेदार नरेंदर सिंह
 स्पेशल फोर्सेस के इस जवान की तैनाती जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर थी। उन्हें तीन जुलाई 2019 को एलओसी पर बिना वक्त गंवाए वे हरकत में आए और आतंकियों को घेर लिया। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। इसमें पैराशूट रेजिमेंट के नरेंदर ने दो आतंकियों को मार डाला।

 

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नायक नरेश कुमार
उन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स में तैनाती के दौरान पिछले साल 23-24 मई की रात को एक आतंकी अभियान में हिस्सा लिया। सर्च ऑपरेशन में आतंकी के एक घर में छुपे होने की जानकारी मिली। तभी नरेश कुमार रेंगकर उस तक पहुंचे और एक ही गोली में उसे खत्म कर दिया।

सिपाही कर्मदेव ओरांव 
बिहार रेजिमेंट का यह सिपाही एलओसी पर तैनात था। 29 दिसंबर 2018 की दोपहर पाकिस्तानी चौकी से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। इसी दौरान कर्मदेव ने 4 आतंकियों को अपनी पोस्ट की तरफ आते देखा। अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्होंने आतंकियों पर 9 हथगोले फेंके। इससे दो आतंकी ढेर हो गए।