बजट 2020:बैंकों में नॉन-गैजेटेड पोस्ट पर भर्तियां होगी आसान, जानिए क्या होगी प्रक्रिया

सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नॉन-गैजेटेड पोस्ट पर भर्तियों को आसान किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया कि परीक्षार्थियों को कई चरणों में परीक्षा देने की जगह अब एक ही ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी।

Published by suman Published: February 1, 2020 | 7:47 pm

नई दिल्‍ली सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नॉन-गैजेटेड पोस्ट पर भर्तियों को आसान किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया कि परीक्षार्थियों को कई चरणों में परीक्षा देने की जगह अब एक ही ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंकों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा।यह कंप्टूयर बेस्ड ऑनलाइन परीक्षा के जरिए भर्ती करेगी। हर जिले में इसके लिए एक सेंटर बनेगा। वित्त मंत्रि ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, इसमें 3 हजार करोड़ रुपये स्किल इंडिया प्रोग्राम के शामिल हैं। देश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अब हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा. सरकार जल्द ही नई शिक्षा नीति का ऐलान करेगी। इसके अलावा इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ क्लचर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

 

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उन्होंने कहा कि हर जिले में टेस्ट सेंटर्स बनाए जाएंगे। इसके लिए एक नई एजेंसी स्थापित करने का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नॉन-गजेटेड पोस्ट पर भर्तियों के लिए नीतियों में बदलाव होगा। अभी कई चरणों में परीक्षाएं ली जा रही हैं।

 

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अब नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह नॉन-गजेटेड पोस्ट पर भर्तियों के लिए ऑनलाइन सामान्य दक्षता परीक्षा (कॉमन एलिजिबलिटी टेस्ट यानी सीएटी) संचालित करेगी।’
उन्होंने यह भी बताया कि नॉन-गजेटेड पोस्ट पर भर्तियों के लिए हर जिले में टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे। इस क्रम में देश के 112 आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और केंद्र सरकार का कर्ज घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 48.7 प्रतिशत पर आ गया है। यह मार्च, 2014 में 52.2 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही।  इस दौरान औसत मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रही। सीतारमण ने अपने बजट भाषण कई कल्याण योजनाओं मसलन सस्ता घर, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आयुष्मान भारत का जिक्र किया।