पहले लग रहा था हम मर गए हैं, अब यहां आकर लगा जिंदा है: अनुराग कश्यप

सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन करने वाले जेएनयू के छात्रों के बीच शुक्रवार को चर्चित फिल्म निर्देशक और निर्माता अनुराग कश्यप पहुंचे। जामिया प्रदर्शन में पहुंचे अनुराग कश्यप ने प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच खुलकर अपनी बात रखी हैं।

Published by suman Published: February 14, 2020 | 8:37 pm
Modified: February 14, 2020 | 8:56 pm

नई दिल्ली सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन करने वाले जेएनयू के छात्रों के बीच शुक्रवार को चर्चित फिल्म निर्देशक और निर्माता अनुराग कश्यप पहुंचे। जामिया प्रदर्शन में पहुंचे अनुराग कश्यप ने प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच खुलकर अपनी बात रखी हैं। जामिया के छात्रों को संबोधित करने के बाद अनुराग कश्यप शाहीन बाग भी पहुंचे, जहां करीब दो महीने से सैकड़ों महिलाएं संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं।

 

यह पढ़ें…सीएए पर विधान परिषद में सत्तापक्ष व विपक्ष में तीखी नोंकझोंक

उन्होंने कहा, मैं जामिया में पहली बार आया हूं। पहले लग रहा था कि हम मर गए हैं। लेकिन यहां आकर लगा कि हम जिंदा हैं। एक आंदोलन देखकर लगता है कि हम जिंदा हैं। भेड़ बकरियों की तरह अंदर नहीं जा सकते। मेरे लिए ये आंदोलन जामिया से शुरू हुआ. ये लड़ाई बहुत लंबी है। कल, परसों या चुनाव के साथ ये खत्म नहीं होगी।

अनुराग कश्यप ने कहा, ‘हमें विश्वास नहीं है कि गृह मंत्री क्या करते हैं। हमें इसमें विश्वास है कि आप क्या करते है। वहीं जो लोग कुछ नहीं कह रहे हैं वो आपकी चुप्पी में आपके साथ हैं। मैं सिर्फ दिल की बात कहता हूं। वो डरते हैं कि आप प्रवोक क्यों नहीं होते हो। उनको प्यार नहीं पता। उनको हिंसा की भाषा आती है। आप लोगों की हिम्मत देख मैं ट्विटर पर वापस आ गया। सबको सबके हाल पर छोड़ कर गया था मैं। आप उस तरीके की सरकार से डील कर रहे हैं, जो अपनों से अलग डील कर रहे हैं।’

 

यह पढ़ें…विधान परिषदः आजम पर हो रहे मुकदमों को लेकर सपा वेल में उतरी, हंगामा

ये आंदोलन क्या शेप लेगा हम नहीं जानते। ये मोनोलॉग होता है, डायलॉग नहीं होता। एक तरफा बात होती है। होम मिनिस्टर का काम होता है हमारी सुरक्षा। मीडिया ने हमारा बहुत नुकसान किया है, वो आईना बनना बंद हो गई है। मीडिया उनकी स्पीकर बन गई है।’

जामिया हिंसा में कोई अरेस्ट नहीं हुआ। पुलिस को अपना काम करने की जरूरत है।पुलिस को ये पता लगाने की जरूरत है कि वो लोग कौन थे। बता दें कि अनुराग कश्यप जामिया के बाद शाहीन बाग भी पहुंचे।  शाहीन बाग में अनुराग कश्यप ने कहा- ये लड़ाई लंबी जाएगी। मैं इनपर विश्वास नहीं करता। ये जो कहते हैं करते नहीं हैं।जिद्दी और अनपढ़ सरकार है।