139 आतंकी ढ़ेर! भारतीय सेना का ऐसा रहा 8 महीना, खो दिये कई जवान

अगस्त में 5 आतंकियों को मार गिराया गया  जबकि एक को जिंदा पकड़ा गया है। मई के महीने में सेना और आतंकियों के बीच कई मुठभेड़ हुई। सिर्फ मई में ही सेना ने 27 आतंकियों को मार गिराया था जोकि बाकी सभी महीने में सबसे ज्यादा है। मई में ही सबसे ज्यादा 22 मुठभेड़ हुईं।

Published by SK Gautam Published: September 2, 2019 | 9:36 am
Modified: September 2, 2019 | 10:07 am

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में हर समय तनाव की स्थिति होने के कारण    भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्यवाही में इस साल जनवरी से अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर में 139 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें एलओसी और सेना के साथ आंतरिक इलाकों में हुए एनकाउंटर में मारे गए आतंकी भी शामिल हैं। जुटाए गए ये आंकड़े 1 जनवरी से अगस्त 2019 तक के हैं।

इस दौरान भारतीय सेना के 26 जवान और 8 सिपाही शहीद हुए

आईएएनएस के मुताबिक, इस दौरान भारतीय सेना के 26 जवान शहीद हुए हैं। इनमें सैनिकों से लेकर सीनियर अफसर शामिल हैं। सबसे ज्यादा 8 सिपाही इस साल फरवरी में शहीद हुए थे।

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सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया अगस्त में 5 आतंकियों को मार गिराया गया  जबकि एक को जिंदा पकड़ा गया है। मई के महीने में सेना और आतंकियों के बीच कई मुठभेड़ हुई। सिर्फ मई में ही सेना ने 27 आतंकियों को मार गिराया था जोकि बाकी सभी महीने में सबसे ज्यादा है। मई में ही सबसे ज्यादा 22 मुठभेड़ हुईं।

इस साल आतंकियों ने कुल 87 हमले करने की कोशिश की। जुलाई के आखिरी हफ्ते में पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप कमांडोज के ऑपरेशन को भी भारतीय सेना ने नाकामयाब कर दिया था। एलओसी पार करने की कोशिश में लगे चार बैट कमांडोज को भी भारतीय सेना ने मार गिराया था।

कश्मीर में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं

अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ने इस साल भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की सबसे ज्यादा कोशिश की है, विशेष रूप से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ के नए प्रयास किए गए हैं।

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पाकिस्तान द्वारा कुल 1,889 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया

यह इस साल पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन की संख्या से स्पष्ट है। 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के 222 मामले सामने आए हैं। संघर्ष विराम उल्लंघन के सबसे ज्यादा 296 मामले जुलाई में दर्ज किए गए।

बता दें कि अगस्त में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस साल के पहले आठ महीनों में पाकिस्तान द्वारा कुल 1,889 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया, जबकि 2018 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर 1,629 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था।