आज रात चांद पर हिंदुस्तान: पीएम बोले- दुनिया देखेगी हमारे वैज्ञानिकों का करिश्मा

जो अभी तक दुनिया का कोई देश नहीं कर पाया, वो मुकाम आज हिंदुस्तान हासिल करेगा। भारत का चंद्रयान-2 देर रात चांद के दक्षिणी हिस्से की सतह पर लैंड करेगा।

नई दिल्ली: जो अभी तक दुनिया का कोई देश नहीं कर पाया, वो मुकाम आज हिंदुस्तान हासिल करेगा। भारत का चंद्रयान-2 देर रात चांद के दक्षिणी हिस्से की सतह पर लैंड करेगा।

चांद के इस हिस्से तक पहुंचने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक पिछले काफी लंबे समय से दिन-रात एक करके इस मिशन को सफल बनाने में जुटे थे और अब वो पल आ गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लोगों से अपील की है कि सभी लोग इस ऐतिहासिक पल को जरुर देखें। साथ ही कहा कि इस महत्वपूर्ण क्षण की फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करें। उन फोटों में से कुछ को वह रिट्वीट करेंगे।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष कार्यक्रम को देखने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं और खुशी है कि मैं बेंगलुरु के इसरो सेंटर में मौजूद रहूंगा।’

उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के साथ में इस पल का साक्षी बनने जा रहा हूं उन्होंने इसरो की क्विज जीती है। ये सभी बहुत प्रतिभाशाली हैं।

 

 

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पीएम के साथ 70 बच्चे देखेंगे ऐतिहासिक पल

बता दें कि पीएम मोदी के साथ करीब 70 बच्चे चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग देखेंगे। दरअसल, इसरो ने एक ऑनलाइन क्विज आयोजित की थी।

जिसमें भाग लेने वाले बच्चों में से इन 70 छात्र-छात्राओं को चयनित किया गया है। इन बच्चों को इसरो ने सीधा नजारा देखने के लिए आमंत्रित किया है।

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यहां पढ़ें किसने क्या कहा?

अनुराग ठाकुर

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘हमारे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। यह हमारे देश के वैज्ञानिकों के लिए भी बहुत बड़ी अचीवमेंट है। पीएम मोदी भी लगातार उनके साथ खड़े रहे।

 

ममता बनर्जी

चन्द्रयान-2 को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि इस मिशन का महिमामंडल अर्थव्यवस्था की पस्ती हालत छिपाने के लिए किया जा रहा है।

किरण रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, ‘चंद्रयान भारत के लिए गौरव का विषय है और न केवल इससे हमारा सर ऊंचा होगा बल्कि बच्चों को भी और आने वाली पीढ़ी के लिए भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। अब बहुत कुछ बदलने वाला है।

इसरो चीफ के. सिवन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चीफ के. सिवन ने कहा कि हम ऐसी जगह पर उतरने जा रहे हैं, जहां इससे पहले कोई नहीं गया। सॉफ्ट लैंडिंग के बारे में हम आश्वस्त हैं, हम रात का इंतजार कर रहे हैं।

अभी तक सबकुछ योजना के मुताबिक चल रहा है। इसरो के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह ऐसा मिशन है, जैसे किसी बच्चे को पालने में रखना हो।

रात 1.10 बजे इसरो की वेबसाइट पर इस मिशन का वेबकास्ट किया जाएगा। इसके अलावा फेसबुक, ट्विटर और यू ट्यूब पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।

वैज्ञानिक नंबी नारायण

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण ने ट्वीट किया, ‘ अगर हम चंद्रयान-1 से चंद्रयान-2 की तुलना करेंगे तो इसमें बेसिक अंतर सॉफ्ट लैंडिंग का है।

चंद्रयान-1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीसकल (पीएसएलवी) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। जबकि चंद्रयान-2 को लॉन्च‍ करने के लिए जीएसएलवी एमके-2 तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। हमारी क्षमता बढ़ी है, अब हम और ज्याकदा क्षमता का उपग्रह भेज सकते हैं।

 

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