PGI में सफल हुआ एमडब्ल्यू वैक्सीन का पहला फेज, जल्द ही आ सकती है अच्छी खबर

कोरोना वायरस के खिलाफ पीजीआई चंडीगढ़ में एमडब्ल्यू यानि माइक्रो बैक्टीरियम वैक्सीन पर शुरू हुए ट्रायल के पहले फेज सफल हो गया है। यह वैक्सीन के ट्रायल का पहला फेज (प्रथम चरण) था।

Published by Shreya Published: May 3, 2020 | 2:42 pm
Modified: May 3, 2020 | 3:01 pm
PGI में सफल हुआ एमडब्ल्यू वैक्सीन का पहला फेज, जल्द ही आ सकती है अच्छी खबर

PGI में सफल हुआ एमडब्ल्यू वैक्सीन का पहला फेज, जल्द ही आ सकती है अच्छी खबर

चंडीगढ़: कोरोना वायरस के खिलाफ पीजीआई चंडीगढ़ में एमडब्ल्यू यानि माइक्रो बैक्टीरियम वैक्सीन पर शुरू हुए ट्रायल के पहले फेज सफल हो गया है। यह वैक्सीन के ट्रायल का पहला फेज (प्रथम चरण) था। अभी इस वैक्सीन को ऐसे कई चरणों से गुजरना होगा, तभी इसके कोरोना के खिलाफ उपयोगिता सिद्ध हो पाएगी। पीजीआई डायरेक्ट डॉ. जगतराम ने बताया कि वैक्सीन का ट्रायल पूरा होने के लिए 3 से 6 महीने का वक्त लगता है।

तीन महीने में पीजीआई पूरा कर सकता है ट्रायल

पहले फेज के सफल होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि पीजीआई इसके ट्रायल को 3 महीने में पूरा कर लेगा। इसका पहला ट्रायल यानि सुरक्षा ट्रायल जिन मरीजों को किया गया, वे सभी सुरक्षित हैं। इसलिए अब वैक्सीन के ट्रायल को आगे जारी रखते हुए इसे 40 मरीजों पर शुरू करने की इजाजत दे दी गई है।

40 मरीजों पर वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति

पीजीआई डायरेक्ट डॉ. जगतराम ने बताया कि वैक्सीन के आगे के ट्रायल में शामिल होने वाले 40 मरीज अगर उससे पहले रिकवर हो जाते हैं तो उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा, लेकिन उनका लगातार फॉलोअप लिया जाएगा। ताकि वैक्सीन के नतीजों का सही आंकलन किया जा सके।

यह भी पढे़ं: देश के सबसे अमीर मंदिर ने एक झटके में 1300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

कोरोना के इलाज में भी होगी मददगार

उन्होंने बताया कि पहले इस वैक्सीन का इस्तेमाल पीजीआई के पल्मोनरी सेप्सिस (फेफड़े से संबंधित गंभीर बीमारी) के मरीजों पर प्रयोग के तौर पर सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसका रिजल्ट संतोषजनक आया है। इसलिए ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह कोरोना के इलाज में भी मददगार साबित होगा। डॉ. जगतराम ने बताया कि कैडिला कंपनी इस वैक्सीन को तैयार करती है।

PGI में सफल हुआ एमडब्ल्यू वैक्सीन का पहला फेज, जल्द ही आ सकती है अच्छी खबर

सीएसआइआर निभा रहा एक अहम भूमिका

पीजीआई डायरेक्ट ने बताया कि देशभर में कोरोना के मरीजों पर कंट्रोल किए जाने के लिए बड़े स्तर पर बचाव व राहत कार्य किया जा रहा है। लेकिन इसका परिणाम जल्दी नहीं मिल रहा। ऐसे में कोरोना के इलाज ढूंढना जरूरी हो गया है। सीएसआइआर एमडब्ल्यू (माइक्रो बैक्टीरियम) वैक्सीन को कोरोना के इलाज में प्रयोग किए जाने में एक अहम भूमिका निभा रहा है।

यह भी पढे़ं: टॉयलेट में खतरा: 41 लोग हुये Positive, सतर्क रहना होगा सभी को

सीएसआइआर सरकार द्वारा इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए संबंधित कंपनी और चुने गए चिकित्सा संस्थानों के बीच एक अहम कड़ी है। उसकी पहल के बाद ही कोरोना के इलाज के लिए यह ट्रायल संभव हो सका है।

तेजी से इम्यूनिटी बढ़ाने में होगा मददगार

डॉ. जगतराम ने बताया कि एमडब्ल्यू वैक्सीन इम्यूनो मॉड्यूलेटर की कैटेगरी में आती है। इसके प्रयोग से इम्यूनिटी बढ़ती है। इस वैक्सीन से कोरोना संक्रमितों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसलिए वैक्सीन के ट्रायल के लिए कोरोना से गंभीर मरीजों का ही चयन किया गया है। ताकि इसके परिणाम का सही आंकलन किया जा सके।

यह भी पढे़ं: जब आग में कूदे थे संजय दत्त के पिता, फिर गुपचुप तरीके से हुई शादी

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App