लगातार 8 वें दिन भारत कोरोना के मामले में अमेरिका और ब्राजील से रहा आगे

भारत में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 23 लाख के पार पहुंच गया। ये लगातार 8वां दिन है, जब अमेरिका और ब्राजील से ज्यादा केस भारत में हैं।

कोरोना टेस्ट करते डॉक्टर की फाइल फोटो

कोरोना टेस्ट करते डॉक्टर की फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारत में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 23 लाख के पार पहुंच गया। ये लगातार 8वां दिन है, जब अमेरिका और ब्राजील से ज्यादा केस भारत में हैं।

देश के अंदर अभी तक कोरोना से 23 लाख 29 हजार 639 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 24 घंटे में 60 हजार 963 नए केस रजिस्टर्ड हुए हैं। जबकि 704 लोगों में 24 घंटे के अंदर कोरोना के कारण जान गंवा दिया है।

वहीं 56 हजार 461 लोग इलाज के बाद कोरोना से स्वस्थ भी हो गए हैं। कोरोना से रिकवर होने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर अब 16 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। अगर हम रिकवरी रेट की बात करे तो इस समय वो 70% है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट मुताबिक, देश में कोरोना के अभी 6 लाख 43 हजार 948 सक्रिय मामले हैं। अभी तक कोरोना से 46 हजार 91 मरीजों की डेथ हुई है। जबकि 16 लाख 39 हजार 599 उपचार के उपरांत स्वस्थ हो चुके हैं।

चिंता की बात ये कि देश के 7 राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना के केस 1 लाख के आंकड़े को क्रास कर चुके हैं। इनमें पहले नम्बर महाराष्ट्र है, वहां पर 5 लाख से ज्यादा केस पाए जा चुके हैं। इसके बाद तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नम्बर आता है।

कोरोना की जांच करने पहुंची डॉक्टरों की टीम की फ़ाइल फोटो
कोरोना की जांच करने पहुंची डॉक्टरों की टीम की फ़ाइल फोटो

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रूस के वैक्सीन बनाने पर एम्स के डायरेक्टर ने कही ये बड़ी बात

भारत में कोरोना की स्थिति पर बात करते हुए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया गुलेरिया ने बड़ी बात कही है।

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि भारतीय टीके दो-तीन परीक्षण चरणों तक पहुंच चुके हैं। हमारे पास बड़े पैमाने पर वैक्सीन उत्पादन क्षमता है, भारत वैक्सीन पर शुरू से ही काम कर रहा है।

रूस के वैक्सीन बनाने के दावे पर कहा कि अब भारत भी नया प्रयोग करेगा।  एम्स अब ऐसे मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं, उनका ध्यान रखने के लिए पोस्ट-कोविड रिकवरी क्लिनिक शुरू किया जाएगा। ताकि उनके फेफड़ों की क्षमता में सुधार पर ध्यान दिया जा सके, चाहे वह व्यायाम, योग, आहार या यहां तक कि दवाइयां ही क्यों ना हों।

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कोरोना के मरीज को ले जाने की तैयारी करते डॉक्टर्स की फ़ाइल फोटो
कोरोना के मरीज को ले जाने की तैयारी करते डॉक्टर्स की फ़ाइल फोटो

कोविड रिकवरी क्लिनिक के लिए इजरायल भारत की मदद करेगा

जिन मरीजों में रिकवरी के बाद फेफड़ों की समस्या मिल रही है, उन पर भी ध्यान दिया जाएगा। कुछ मरीज पोस्ट-कोविड के कई सीक्वल देख रहे हैं। रिकवरी के बाद भी कुछ रोगियों को बड़ी असुविधा हो रही है, सांस लेने में भी तकलीफ देखने को मिल रही है।

गुलेरिया ने यह भी बताया कि पोस्ट-कोविड रिकवरी क्लिनिक के लिए इजरायल भारत की मदद करेगा। रोबोट उपकरण रोगियों की निगरानी करने में मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि ये उपकरण दूरदराज के क्षेत्रों में भी फेफड़े, हृदय और सांस लेने की समस्याओं वाले लोगों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है और उनके जीवन को बचाया जा सकता है। इनका कस्बों और अन्य क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शहरों के बड़े अस्पतालों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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